धनबाद: डुमरी विधायक जयराम महतो ने धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की है। शुक्रवार को बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) के तीसरे दीक्षांत समारोह में पहुंचे जयराम ने संसदीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सांसद से उनके 15 साल के कार्यकाल में विधेयकों पर हुई बहस को लेकर सवाल किया।
संसदीय कार्यप्रणाली को समझने की दी सलाह
जयराम महतो ने सांसद का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कितने विधेयकों पर चर्चा की और संसदीय व्यवस्था को किस हद तक समझा है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के लिए विधायिका की कार्यप्रणाली और संसदीय नियमों की जानकारी होना जरूरी है। जयराम ने यह भी कहा कि वह आगे भी अपनी बात तथ्यों के आधार पर रखेंगे।
विनोद बिहारी महतो की विचारधारा का किया जिक्र
अपने बयान में जयराम महतो ने झारखंड के प्रमुख नेता विनोद बिहारी महतो की विचारधारा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके नाम का इस्तेमाल करने से पहले उनके विचारों और राजनीतिक दृष्टिकोण को समझना चाहिए।
जयराम ने बोकारो में एयरपोर्ट निर्माण के मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि इस विषय से जुड़े प्रस्तावों और मांगों में विनोद बिहारी महतो का योगदान रहा है। उन्होंने सांसद पर इस मुद्दे का विरोध करने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, एयरपोर्ट से जुड़े प्रस्तावों और सांसद के रुख की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और उनके आधिकारिक बयानों को देखना जरूरी होगा।
उग्रवाद नहीं, मुद्दों पर चर्चा की बात
जयराम महतो ने स्पष्ट किया कि वह न तो उग्रवाद का समर्थन करते हैं और न ही नक्सलवाद का। उनके मुताबिक, वह जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और उनके समाधान की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड की राजनीति में विचारधारा और जनसमस्याओं को समझना जरूरी है। उनके अनुसार, केवल धर्म या किसी राजनीतिक दल के टिकट के आधार पर राजनीति करने के बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
बोले- राजनीति में सीखते रहना जरूरी
जयराम महतो ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि राजनीति में केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है। नेताओं को संसदीय प्रक्रिया समझने के साथ अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनता की जरूरतों की जानकारी भी रखनी चाहिए।
उन्होंने सीखने की निरंतरता पर जोर देते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उनके इस बयान के बाद धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और जयराम महतो के बीच राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है।
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