Tuesday, November 3, 2026

झारखंड DGP नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सभी राज्यों से पुलिस प्रमुख चुनने के नियमों का मांगा हिसाब

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3 नवंबर 2026: झारखंड में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अब देशभर के राज्यों में पुलिस प्रमुखों के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया की समीक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार से सभी राज्यों में DGP की नियुक्ति से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों, नियमों और कार्यकारी आदेशों का राज्यवार विवरण पेश करने को कहा है।

मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने संकेत दिया कि अलग-अलग राज्यों की नियुक्ति व्यवस्था और उसके कानूनी प्रभाव की समीक्षा की जाएगी।

सभी राज्यों की नियुक्ति व्यवस्था पर मांगी रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान मामले में अदालत की सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता और एमीकस क्यूरी राजू रामचंद्रन ने सुझाव दिया कि देश के सभी राज्यों में DGP नियुक्ति के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था का व्यापक आकलन होना चाहिए।

उन्होंने अदालत को बताया कि कुछ राज्यों ने झारखंड की तरह अपने नियम बनाए हैं, लेकिन इसके बावजूद वे सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन का दावा कर रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने उत्तर प्रदेश और पंजाब का भी उल्लेख किया।

रामचंद्रन ने केंद्र और राज्य सरकारों से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया कि DGP की नियुक्ति के लिए संबंधित राज्यों में कोई कानून, नियम या कार्यकारी आदेश लागू है या नहीं।

नियमों की वैधता की होगी न्यायिक समीक्षा

पीठ ने कहा कि राज्यों में पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति से संबंधित व्यवस्था कानून, विनियम या कार्यकारी आदेश के रूप में हो सकती है। हालांकि, इन प्रावधानों के कानूनी प्रभाव और वैधता की न्यायिक समीक्षा की जाएगी।

अदालत ने एमीकस क्यूरी राजू रामचंद्रन को इस विषय पर एक विस्तृत नोट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को यह नोट स्वीकार करने और मामले से जुड़े सभी पक्षों के वकीलों को इसकी प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा गया है।

पीठ ने यह भी संकेत दिया कि संबंधित राज्यों को अपनी नियुक्ति प्रक्रिया और नियमों के संबंध में जवाब दाखिल करना होगा।

झारखंड सरकार और DGP तादाशा मिश्रा से भी जवाब तलब

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और राज्य की DGP तादाशा मिश्रा से भी जवाब मांगा है। तादाशा मिश्रा की नियुक्ति उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले की गई थी। इसी नियुक्ति को लेकर केंद्र और अन्य पक्षों की ओर से चुनौती दी गई है।

अदालत ने झारखंड सरकार और DGP से 16 नवंबर या उससे पहले अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।

केंद्र ने झारखंड मामले की पहले सुनवाई की मांग की

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से झारखंड DGP नियुक्ति विवाद पर पहले सुनवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने दलील दी कि राज्य सरकार के बनाए नियम पुलिस प्रमुख की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों के विपरीत पाए गए हैं।

गौरतलब है कि अक्टूबर में भी सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड में DGP नियुक्ति प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले राज्य सरकार के नियमों की वैधता पर सवाल उठाए थे।

क्या है प्रकाश सिंह मामला?

DGP नियुक्ति से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट का चर्चित प्रकाश सिंह मामला महत्वपूर्ण है। इसी मामले में पुलिस व्यवस्था में सुधार और पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति सहित कई पहलुओं पर दिशा-निर्देश दिए गए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों की नियुक्ति व्यवस्था का विवरण मांगकर इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर परखने के संकेत दिए हैं। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग राज्यों के नियम पूर्व न्यायिक निर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं।

Bharat Superfast News | National Desk

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