Monday, November 2, 2026

झारखंड हाईकोर्ट में वकीलों की रील्स पर सख्ती, फीस का प्रचार करने वालों को एसोसिएशन की चेतावनी

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रांची | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

झारखंड हाईकोर्ट परिसर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद का प्रचार करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने वकीलों की ओर से रील्स बनाने, न्यायिक कार्यवाही से जुड़ी तस्वीरें साझा करने और अपनी फीस का प्रचार कर मुवक्किलों को आकर्षित करने पर आपत्ति जताई है।

इस संबंध में एसोसिएशन ने सूचना जारी कर संबंधित अधिवक्ताओं को ऐसी गतिविधियां तत्काल बंद करने और पहले से पोस्ट की गई सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के मामले उचित कार्रवाई के लिए झारखंड राज्य बार काउंसिल को भेजे जा सकते हैं।

हाईकोर्ट परिसर की तस्वीरों और वीडियो से प्रचार पर आपत्ति

एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष, महासचिव और अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी सूचना में कहा गया है कि कुछ अधिवक्ता हाईकोर्ट परिसर की तस्वीरें और वीडियो गानों के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

कुछ मामलों में न्यायालय कक्ष की तस्वीरों और वीडियो में बहस करने की बनावटी मुद्रा दिखाकर रील्स बनाई जा रही हैं। इसके अलावा कुछ अधिवक्ता अपनी फीस का विवरण भी इंटरनेट मीडिया पर साझा कर रहे हैं, ताकि संभावित मुवक्किलों को आकर्षित किया जा सके।

अधिवक्ता अधिनियम और बार काउंसिल के नियमों का हवाला

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां अधिवक्ताओं के लिए विज्ञापन और प्रलोभन की श्रेणी में आती हैं। सूचना के मुताबिक, ऐसी गतिविधियां अधिवक्ता अधिनियम, 1961 और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम 36 के प्रावधानों के विपरीत हैं।

एसोसिएशन का कहना है कि वकालत एक गरिमामयी पेशा है और इसके प्रचार के लिए इस तरह के तरीके अपनाने से पेशे की प्रतिष्ठा तथा न्यायालय की मर्यादा प्रभावित हो सकती है।

पुरानी पोस्ट हटाने और नई रील्स नहीं बनाने का निर्देश

एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियां तत्काल बंद करने को कहा है। जिन अधिवक्ताओं ने पहले से हाईकोर्ट परिसर या न्यायिक कार्यवाही से संबंधित ऐसी तस्वीरें, वीडियो अथवा फीस प्रचार की सामग्री पोस्ट की है, उन्हें उसे हटाने का निर्देश दिया गया है।

नियमों का उल्लंघन करने पर बार काउंसिल को भेजा जाएगा मामला

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिवक्ताओं के मामलों को उचित कार्रवाई के लिए झारखंड राज्य बार काउंसिल के पास भेजा जाएगा।

इस कदम का उद्देश्य अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण और न्यायालय की गरिमा बनाए रखना है। अब देखना होगा कि एसोसिएशन के निर्देश के बाद सोशल मीडिया पर इस तरह की प्रचार गतिविधियों पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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