रांची: झारखंड में सहकारिता प्रभाग की योजना के तहत 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 20 शीत भंडारण केंद्रों के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 14 कोल्ड स्टोरेज का निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें हैंडओवर किया जा चुका है, जबकि छह केंद्र अभी निर्माणाधीन हैं। यह स्थिति 8 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट में सामने आई है।
आठ जिलों में संचालन के लिए एजेंसियां चयनित
हैंडओवर किए गए केंद्र पूर्वी सिंहभूम, देवघर, हजारीबाग, पाकुड़, लोहरदगा, चाईबासा, कोडरमा और साहेबगंज में हैं। इनके संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया के जरिए एजेंसियों का चयन किया गया है। इनमें से कुछ शीत भंडारण केंद्रों में संचालन भी शुरू हो चुका है।
तीन केंद्रों में बिजली कनेक्शन का इंतजार
गिरिडीह के अलावा दुमका जिले के जामा और जरमुंडी में बने कोल्ड स्टोरेज हैंडओवर हो चुके हैं, लेकिन इन केंद्रों में विद्युतीकरण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण इनका पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने में अभी समय लग सकता है।
रांची में शीत भंडारण केंद्र के हैंडओवर की प्रक्रिया जारी है।
गुमला में निर्माण लगभग पूरा
निर्माणाधीन केंद्रों में गुमला का कोल्ड स्टोरेज लगभग 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहां कुछ फिनिशिंग का काम बाकी है।
गढ़वा में पार्ट-1 का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पलामू में पार्ट-सी का काम पूरा बताया गया है। दोनों स्थानों पर अन्य हिस्सों में निर्माण और फिनिशिंग का काम जारी है।
सरायकेला में अंतिम चरण में काम
सरायकेला-खरसावां में पार्ट-ए और पार्ट-सी का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि पार्ट-बी का काम अंतिम चरण में है। यहां बाउंड्री वॉल, गेट और टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण भी पूरा किया जा चुका है।
लातेहार और सिमडेगा में प्रक्रिया आगे बढ़ी
लातेहार में बाउंड्री वॉल का करीब 20 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और फिलहाल फाउंडेशन का निर्माण चल रहा है।
सिमडेगा के बानो में अंचल अधिकारी की ओर से परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है। जमीन मिलने के बाद मिट्टी की जांच के लिए ग्रुप कंसल्टेंसी को पत्र भेजा गया है। नई साइट के सर्वे के लिए कंसल्टेंसी के आने का इंतजार किया जा रहा है।
