रांची: झारखंड सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और मोटे अनाज (मिलेट) को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल कर रही है। इसी क्रम में राज्य के रांची, जमशेदपुर और देवघर में आधुनिक मिलेट कैफे स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और लोगों के बीच पौष्टिक अनाज के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
- बुधवार को नेपाल हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। बैठक में खरीफ फसलों की स्थिति, मिलेट मिशन और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
- समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में मक्का की बुआई 65 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में पूरी हो चुकी है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों में मक्का बीज की मांग अधिक है, वहां अतिरिक्त बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- मिलेट मिशन की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 22,729 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। इसके साथ ही रांची, जमशेदपुर और देवघर में मिलेट कैफे स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को विपणन के बेहतर अवसर मिल सकें और उपभोक्ताओं के बीच मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ावा मिले।
- बैठक में प्रत्येक पंचायत में मिट्टी जांच शिविर आयोजित करने, कृषक पाठशालाओं को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से जोड़ने तथा विभागीय योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से राज्य के प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाया जाए।
