रांची, 26 अक्टूबर 2026। दीपावली के अवसर पर झारखंड सरकार राशन कार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से चीनी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। सरकार की मंशा है कि त्योहार के दौरान गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भी इसका लाभ मिल सके। हालांकि, बाजार में चीनी की सीमित उपलब्धता और टेंडर प्रक्रिया में आपूर्तिकर्ताओं की रुचि नहीं होने के कारण योजना को लागू करने में मुश्किलें आ रही हैं।
राज्य के उपभोक्ता एवं खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री इरफान अंसारी के अनुसार, विभाग दीपावली से पहले राशन कार्डधारियों तक चीनी पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। लेकिन आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होने के कारण फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लाभुकों को त्योहार से पहले चीनी मिल पाएगी या नहीं।
बार-बार टेंडर के बाद भी नहीं मिल रहे आपूर्तिकर्ता
पीडीएस के माध्यम से चीनी वितरण के लिए राज्य सरकार की ओर से कई बार टेंडर जारी किए गए हैं। इसके बावजूद कंपनियां आपूर्ति के लिए आगे नहीं आ रही हैं। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त मात्रा में चीनी की खरीद और समय पर उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मंत्री इरफान अंसारी के मुताबिक, बाजार में चीनी की उपलब्धता कम होने के कारण कंपनियां टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने से कतरा रही हैं। इससे सरकार की कोशिशों के बावजूद वितरण योजना को आगे बढ़ाने में बाधा आ रही है।
दिवाली से पहले लाभुकों को राहत देने की कोशिश
राज्य सरकार चाहती है कि दीपावली के मौके पर राशन कार्डधारियों को भी चीनी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे त्योहार की तैयारियां कर सकें। इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
हालांकि, चीनी की खरीद और वितरण से संबंधित व्यवस्था पूरी होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि लाभुकों को इसका फायदा कब मिलेगा। फिलहाल सरकार की ओर से प्रयास जारी हैं, लेकिन वितरण की तारीख और लाभुकों को मिलने वाली चीनी की मात्रा को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
आपूर्ति व्यवस्था पर टिकी योजना की सफलता
चीनी की उपलब्धता में कमी और टेंडर के माध्यम से आपूर्तिकर्ता नहीं मिलने के कारण योजना के क्रियान्वयन में देरी की आशंका बनी हुई है। मंत्री ने चीनी के इस्तेमाल में बदलाव को भी आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियों के संभावित कारणों में शामिल किया है।
ऐसे में झारखंड के राशन कार्डधारियों को दीपावली से पहले चीनी मिलेगी या नहीं, यह मुख्य रूप से खरीद और आपूर्ति की व्यवस्था पर निर्भर करेगा। फिलहाल लाभुकों को सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और वितरण संबंधी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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