गिरिडीह, 26 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Giridih News Today: झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने गिरिडीह में विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित वित्तीय मामलों और लेखा संबंधी आपत्तियों की समीक्षा की। परिसदन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
समिति ने मामलों के शीघ्र समाधान के लिए प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने पर भी जोर दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्च, विभागीय कार्यप्रणाली और लेखा संबंधी लंबित आपत्तियों की स्थिति की समीक्षा करना था।
CAG की रिपोर्ट और लंबित आपत्तियों पर हुई चर्चा
बैठक में सामान्य, सामाजिक, आर्थिक और राजस्व क्षेत्रों से संबंधित लंबित आपत्तियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों तथा स्थानीय निकायों के वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदनों में दर्ज मामलों पर भी चर्चा हुई।
वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक की CAG रिपोर्टों में दर्ज लंबित मामलों के अलावा वर्ष 2014-15 से संबंधित स्थानीय निकायों की आपत्तियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
समिति ने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और उनके निपटारे में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने पर जोर
लोक लेखा समिति ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की बिंदुवार जांच कर उनके समाधान की प्रक्रिया तेज की जाए। समिति ने यह भी कहा कि मामलों के निपटारे में देरी के कारणों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
बैठक में सरकारी रिकॉर्ड के रखरखाव, वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया।
समिति ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए लंबित आपत्तियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में शामिल हुए विधायक और जनप्रतिनिधि
इस बैठक में लोक लेखा समिति के सदस्य एवं बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, बहरागोड़ा विधायक समीर महंती, मनोहरपुर विधायक जगत मांझी और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी मौजूद रहे।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी और उत्पाद अधीक्षक शामिल थे।
इसके अलावा जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला कोषागार पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी और कार्यपालक अभियंता भी उपस्थित रहे।
सरकारी वित्तीय मामलों की निगरानी पर विशेष ध्यान
लोक लेखा समिति की बैठक में हुई समीक्षा का उद्देश्य लंबित लेखा आपत्तियों और वित्तीय मामलों की स्थिति स्पष्ट करना तथा उनके निपटारे में तेजी लाना था। समिति ने विभागों को जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अब संबंधित विभागों की ओर से लंबित मामलों पर की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। निर्धारित समयसीमा में आपत्तियों का निपटारा होने से सरकारी कामकाज में जवाबदेही मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
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