रांची, 6 अक्टूबर 2026: त्योहारों के मौसम को देखते हुए झारखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देश पर 7 अक्टूबर से राज्यभर में खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाएंगे। अभियान में सड़क किनारे ठेले-खोमचे से लेकर होटल और बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों को भी शामिल किया जाएगा।
ठेले से होटल तक होगी खाद्य सामग्री की जांच
अभियान के दौरान बाजार में बिकने वाले अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे। गोलगप्पे, समोसे, मिठाई, पनीर समेत अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांची जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जांच को केवल कुछ चुनिंदा खाद्य वस्तुओं तक सीमित न रखा जाए।
यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, गंदगी या गुणवत्ता से जुड़ी खामी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई तैयारियों की समीक्षा
अभियान की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इसमें सैंपल लेने, उन्हें प्रयोगशाला भेजने और जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को बाजारों में खाद्य पदार्थों की निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध या मिलावटी सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहारों को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता
दुर्गा पूजा समेत आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की संभावना है। विभाग ने इसी को देखते हुए जांच अभियान को तेज करने का फैसला लिया है। अधिकारियों को आशंका वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष नजर रखने और किसी भी तरह की दूषित या मिलावटी सामग्री की बिक्री रोकने को कहा गया है।
जांच के लिए आवश्यक केमिकल और अन्य संसाधनों की व्यवस्था पहले से करने का निर्देश भी दिया गया है।
रांची में फूड सेफ्टी लैब और मोबाइल जांच वाहन होंगे सक्रिय
रांची स्थित फूड सेफ्टी लैब को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मौके पर प्राथमिक स्तर की जांच के लिए तीन चलंत जांच वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इनमें दो मोबाइल जांच वाहन रांची और एक धनबाद में तैनात रहेगा। इससे मौके पर खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त को फील्ड जांच की जिम्मेदारी
संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज कुमार प्रसाद को स्वयं फील्ड में जाकर अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें सैंपल संग्रह से लेकर जांच और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने को कहा गया है।
अधिकारियों को FSSAI के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया गया है। अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी और दुर्गा पूजा से पहले दोबारा बैठक कर लिए गए सैंपल, जांच के परिणाम तथा की गई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी।
खाद्य सुरक्षा को बताया गया प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना तथा त्योहारों के दौरान मिलावट की संभावित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
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