रांची: झारखंड सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और छात्र कल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए स्टूडेंट डायरी और छोटे बच्चों के लिए पैरेंटल कैलेंडर शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए संविदा नियुक्ति नियमावली को मंजूरी, मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाने और गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव जैसे निर्णय भी लिए गए।
सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी स्टूडेंट डायरी
सरकार की ज्ञानोदय योजना के तहत कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को स्टूडेंट डायरी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें शैक्षणिक गतिविधियों के साथ छुट्टियों और स्कूल से जुड़ी जरूरी सूचनाओं को दर्ज करने की सुविधा होगी। इसका उद्देश्य स्कूल, विद्यार्थी और अभिभावकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है।
वहीं, कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में पैरेंटल कैलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए अभिभावक बच्चों की पढ़ाई और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पर नजर रख सकेंगे। साथ ही बच्चों को परिवार की संस्कृति और स्थानीय परिवेश से परिचित कराने पर भी जोर रहेगा।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में संविदा पर डॉक्टरों की नियुक्ति
कैबिनेट ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति के लिए झारखंड चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सक संविदा नियुक्ति नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक, स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है। संविदा नियुक्ति के माध्यम से इस कमी को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
जमशेदपुर और धनबाद मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी MBBS सीटें
कैबिनेट ने राज्य के दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में सीटों के विस्तार को भी स्वीकृति दी है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में 2026-27 से 2029-30 के बीच एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
इसके साथ ही दोनों संस्थानों में नए पोस्टग्रेजुएट विषय शुरू करने और पीजी सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 393 करोड़ रुपये, जबकि धनबाद मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 495 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में राहत
उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता पाने वाले विद्यार्थियों के लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में कई बदलाव किए गए हैं।
अब छात्र प्रवेश के समय अपनी ओर से जमा की गई पहले सेमेस्टर या वर्ष की फीस की एकमुश्त प्रतिपूर्ति वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 15 लाख रुपये तक के कर्ज पर लगने वाली 5 प्रतिशत मार्जिन मनी को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 3,434 विद्यार्थियों के लिए करीब 291 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि लगभग 65 करोड़ रुपये का वितरण हो चुका है।
योजना का दायरा बढ़ाते हुए नालंदा यूनिवर्सिटी, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी और केंद्र सरकार से अधिसूचित अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भी इसमें शामिल करने की मंजूरी दी गई है।
10 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी इंटर्नशिप
ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप योजना को भी नए स्वरूप में लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य के 10,000 स्नातक विद्यार्थियों को आठ सप्ताह की सवेतन इंटर्नशिप दी जाएगी।
इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय स्तर पर होने वाले नवाचारों का डिजिटल दस्तावेज तैयार करेंगे। इसके लिए स्टाइपेंड को बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है।
योजना को अब राज्य की सभी 4,345 पंचायतों तक विस्तार देने की तैयारी है। इसके संचालन पर हर साल लगभग 19.33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को राष्ट्रीय संस्थानों के एक्सपोजर विजिट का अवसर भी दिया जाएगा।
कैबिनेट के अन्य फैसले
बैठक में इसके अलावा कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली:
- हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर लोहरदगा के बर्खास्त भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिभूषण वर्मा से संबंधित मामले में संशोधन का निर्णय।
- वज्रपात और हीटवेव को केंद्रीय सूची में शामिल किए जाने के बाद राज्य की संबंधित सूची और विभागीय प्रावधानों में आवश्यक बदलाव को मंजूरी।
- धनबाद के बलियापुर क्षेत्र में तसरा ओपन कास्ट कोयला परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए करीब 3.43 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय।
- मीट एवं मांस उत्पादों की प्रोसेसिंग, भंडारण और बिक्री के लिए खाद्य सामग्री विक्रेताओं को अनुमति देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी।
- झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुकेश कुमार और सीमा कुमारी को हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप पूर्व प्रभाव से प्रोन्नति देने की स्वीकृति।
- कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था के लिए अंशकालीन शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ाने को मंजूरी।
- जमशेदपुर की मोहरदा जलापूर्ति योजना के दूसरे चरण के लिए करीब 67.36 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।
- रातू अंचल के बेलांगी स्थित कार्तिक उरांव महाविद्यालय के लिए भूमि लीज नवीकरण को मंजूरी।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के फैसलों में स्कूली शिक्षा को व्यवस्थित करने, उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने और स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है।
