पटना: रक्षाबंधन से पहले बिहार सरकार ने महिलाओं और बेटियों के लिए कई नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। इसी कार्यक्रम में 4,700 स्कूटी और मोटरसाइकिलों को भी रवाना किया गया।
4,700 वाहन लेकर गश्त करेंगी ‘पुलिस दीदी’
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘पुलिस दीदी’ यानी अभया ब्रिगेड को 4,700 स्कूटी-बाइक उपलब्ध कराई गई हैं। इन वाहनों के जरिए स्कूल-कॉलेज, बाजार और प्रमुख इलाकों में निगरानी व गश्त बढ़ाने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ जरूरतमंद और कमजोर वर्गों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर करना भी है।
27 और 28 अगस्त को महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार सरकार ने महिलाओं को बस किराये में भी राहत दी है। घोषणा के मुताबिक 27 अगस्त की सुबह से 28 अगस्त की रात 10 बजे तक महिलाएं सरकारी बसों में बिना किराया यात्रा कर सकेंगी।
यह सुविधा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की 1,000 से अधिक बसों में उपलब्ध होगी। इसके तहत शहर के भीतर और अंतर-जिला यात्रा करने वाली महिलाओं को किराया नहीं देना होगा।
पीएचडी छात्राओं को हर महीने 10 हजार रुपये
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना शुरू की गई है। योजना के तहत चयनित 1,000 छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10,000 रुपये की सहायता देने का प्रावधान है।
इस आर्थिक मदद का उद्देश्य छात्राओं को शोध और उच्च शिक्षा जारी रखने में सहयोग देना है।
बेटियों को स्टार्टअप के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ भी शुरू की गई है। इसके तहत पात्र बेटियों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलने की बात कही गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि युवा महिलाएं अपने कारोबारी विचारों को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकें।
तीन साल में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अगले तीन वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य भी रखा। सरकार के मुताबिक महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और स्वरोजगार पर एक साथ काम किया जा रहा है।
रक्षाबंधन से पहले घोषित इन पहलों में महिलाओं की यात्रा सुविधा से लेकर सुरक्षा, उच्च शिक्षा और स्टार्टअप तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
