रांची: झारखंड की युवा फुटबॉल खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल की है। 65वें सुब्रतो कप अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट के अंडर-17 बालिका वर्ग के फाइनल में सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला की टीम ने NCC की प्रतिनिधि टीम स्प्रिंगफील्ड एच.एस. स्कूल, आइजोल को 2-0 से हराकर खिताब जीत लिया।
नई दिल्ली के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में झारखंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। टीम ने पूरे मुकाबले में बेहतर तालमेल और अनुशासन के साथ खेलते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।
सुनैना और मनीषा ने दागे गोल
झारखंड के लिए पहला गोल जर्सी नंबर 8 की सुनैना टुड्डू ने किया। उन्होंने मैच के 21वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।
दूसरे हाफ में झारखंड ने अपना दबदबा कायम रखा। जर्सी नंबर 12 मनीषा डुंग ने 42वें मिनट में गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद टीम की रक्षापंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया और विपक्षी खिलाड़ियों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
निर्धारित समय तक यही स्कोर कायम रहा और सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला की टीम चैंपियन बनी।
कप्तान वीणा के नेतृत्व में मिली सफलता
झारखंड की टीम की कमान कप्तान वीणा कुमारी ने संभाली। मैनेजर बिंदु कुजूर और कोच बीना केरकेट्टा के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावी प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट में व्यक्तिगत पुरस्कारों में भी झारखंड की खिलाड़ियों और कोच का दबदबा रहा। गोल्डन ग्लव्स का पुरस्कार गोलकीपर खुशबू कुमारी को मिला, जिसके साथ उन्हें 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं, बीना केरकेट्टा को सर्वश्रेष्ठ कोच के सम्मान से नवाजा गया।
विजेता झारखंड टीम को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान किया गया। ये पुरस्कार मुख्य अतिथि एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने प्रदान किए।
जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने टीम की सफलता पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से ग्रामीण और जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर भी दिए जाते हैं। चयनित प्रतिभाओं के कौशल को निखारने के लिए 21 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाने की भी व्यवस्था है।
झारखंड की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत शिक्षा विभाग के अधिकारियों और खेल कोषांग से जुड़े पदाधिकारियों ने टीम को बधाई दी। सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
