Tuesday, September 15, 2026

जामताड़ा में 41 हजार वोटरों के नाम हटाने के आवेदन का दावा, इरफान अंसारी ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप.

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जामताड़ा: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जामताड़ा में करीब 41 हजार मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए आवेदन दिए गए हैं। इरफान अंसारी ने इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग निर्वाचन आयोग तथा जिला प्रशासन से की है।

फॉर्म-7 के कई आवेदन प्रक्रिया के अनुरूप नहीं : इरफान

डॉ. इरफान अंसारी के मुताबिक, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए गए हैं। उनका कहना है कि जांच के दौरान इनमें से कई आवेदन निर्धारित प्रारूप और तय प्रक्रिया के मुताबिक नहीं मिले।

उन्होंने आशंका जताई कि आपत्तियों के जरिए मतदाता सूची को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है और वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश हो रही है।

आदिवासी और अल्पसंख्यक मतदाताओं को निशाना बनाने का आरोप

स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि आदिवासी, अल्पसंख्यक और भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उनके इस दावे के बाद जामताड़ा में मतदाता सूची को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।

इरफान अंसारी ने कहा कि उनकी लोकप्रियता भाजपा नेताओं को पसंद नहीं आ रही है और उन्हें चुनाव में नुकसान पहुंचाने के लिए कथित तौर पर अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जामताड़ा की जनता ऐसे प्रयासों से डरने वाली नहीं है।

भाजपा पर राजनीतिक हताशा का लगाया आरोप

भाजपा पर निशाना साधते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि पहले बांग्लादेशी और फिर घुसपैठियों की पहचान करने की बातें कही गईं। उनके अनुसार, जब इन प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिला, तो अब वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप सामने आ रहा है।

उन्होंने इसे भाजपा की कथित राजनीतिक हताशा करार देते हुए कहा कि यदि भाजपा को जनता का समर्थन प्राप्त है, तो उसे चुनाव में सीधे मुकाबला करना चाहिए।

निर्वाचन आयोग से पारदर्शी जांच की मांग

डॉ. इरफान अंसारी ने निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन से फॉर्म-7 के जरिए दाखिल सभी आवेदनों की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है।

हालांकि, 41 हजार मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश और इसके पीछे राजनीतिक साजिश से जुड़े आरोप फिलहाल इरफान अंसारी के दावों पर आधारित हैं।

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