जामताड़ा: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जामताड़ा जिले के बोरवा गांव में मां को खो चुके कुछ दिन के मासूम की देखभाल और बेहतर भविष्य के लिए मदद का भरोसा दिया है। बच्चे और उसके परिवार की स्थिति देखकर मंत्री भावुक हो गए। उन्होंने बच्चे की परवरिश, शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प जताया। साथ ही, परिवार को आर्थिक सहायता भी दी।
मासूम की स्थिति देखकर भावुक हुए मंत्री
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. इरफान अंसारी 18 अक्टूबर को बोरवा गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने मां को खो चुके नवजात और उसके परिजनों से मुलाकात की। मंत्री ने बताया कि बच्चे की स्थिति और परिवार की परेशानी देखकर वे भावुक हो गए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण करीब सात घंटे से उनका इंतजार कर रहे थे। इस कठिन परिस्थिति में परिवार को सहारे की जरूरत है, ताकि बच्चे की देखभाल और आगे की पढ़ाई में कोई परेशानी न हो।
पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प
स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चे की परवरिश, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव मदद करने की बात कही। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देते हुए भरोसा दिलाया कि वे इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मंत्री बच्चे का नामकरण करने की बात कह चुके हैं। हालांकि, बच्चे की देखभाल और भविष्य से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
बोले- पहले इंसान, फिर डॉक्टर और उसके बाद नेता
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उनके लिए इंसानियत सबसे पहले है। उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वे पहले इंसान हैं, फिर डॉक्टर और उसके बाद नेता।
मंत्री के मुताबिक, जरूरतमंद लोगों की मदद करना जरूरी है, खासकर ऐसे परिवारों की जो कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने बच्चे और उसके परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
आगे की व्यवस्था पर रहेगी नजर
मंत्री की इस पहल के बाद अब बच्चे की नियमित देखभाल, शिक्षा और भविष्य के लिए सहायता किस तरह सुनिश्चित की जाएगी, इस पर ध्यान रहेगा। खबर में मंत्री की ओर से जिम्मेदारी निभाने का संकल्प बताया गया है, लेकिन इसकी औपचारिक और कानूनी व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
