खराब कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल हार्ट डिजीज समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, जानें किस उम्र में करवाना चाहिए कोलेस्ट्रॉल टेस्ट…
कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए बहुत जरूरी है. यह कोशिका झिल्लियों के निर्माण, हार्मोन उत्पादन और लीवर में पित्त के निर्माण में मदद करता है. हालांकि, असली समस्या तब शुरू होती है जब खून में एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाता है. इससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए, शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल का जल्द पता लगाना बहुत जरूरी होता है. खबर में जानिए कि लोगों को किस उम्र में पहली बार कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए? इस संबंध में एक हार्ट डिजीज एक्सपर्ट द्वारा दिए गए सुझाव इस प्रकार हैं..
फेमस हार्ट डिजीज एक्सपर्ट डॉ. नवीन भामरी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके इस मुद्दे को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग कोलेस्ट्रॉल की जांच तभी करवाते हैं जब उन्हें कोई समस्या होती है, लेकिन लोगों को यह जानना चाहिए कि समस्या हो या न हो, उन्हें हर साल नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल समेत अपनी स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए? लेकिन अब सवाल यह है कि कोलेस्ट्रॉल की जांच किस उम्र में करवानी चाहिए?
किस उम्र में कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए?
डॉ. नवीन भामरी ने लोगों को सुझाव दिया कि कोलेस्ट्रॉल की जांच आम तौर पर 20 साल की उम्र से शुरू कर देनी चाहिए. इसके लिए उन्होंने बताया कि उपवास के दौरान लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना चाहिए. अगर शुरुआती जांच में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य है, तो हर 4-6 साल में जांच करवाना काफी है. लेकिन अगर को व्यक्ति हाई रिस्क में हैं या आपके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास रहा है, तो स्थिति बदल जाती है.
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) और अन्य स्वास्थ्य संगठन 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्कों को हर 4-6 साल में अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाने की सलाह देते हैं. 45 से 65 साल के पुरुषों और 55 से 65 साल की महिलाओं को हर 1 से 2 साल में टेस्ट करवानी चाहिए. वहीं, 65 साल से ज्यादा एज ग्रुप के लोगों को सालाना टेस्ट करवानी चाहिए. अगर किसी को हार्ट डिजीज, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है, तो उन्हें भी रेगुलर तौर से टेस्ट करवानी चाहिए.
हाई रिस्क वाले लोगों को सावधान रहना चाहिए
डॉ. भामरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज है, या आप मोटे हैं, स्मोकिंग करते हैं, पीसीओएस से पीड़ित हैं, या एक गतिहीन जीवनशैली जीते हैं, तो आपको जल्द से जल्द अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए. उन्होंने ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी.
जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है
डॉ. भामरी ने कहा कि भारतीय दिशानिर्देशों के अनुसार, मोटे लोगों के साथ-साथ जिन लोगों के परिवार में इन समस्याओं का इतिहास रहा है, वे 12 साल की उम्र से ही अपनी लिपिड प्रोफाइल की जांच करवा सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे लोगों को सतर्क रहना चाहिए और कम उम्र से ही जीवनशैली में बदलाव करने चाहिए. इससे भविष्य में हृदय रोग से बचा जा सकता है.


