Thursday, August 13, 2026

छात्र आंदोलन पर संजय सेठ का सरकार पर हमला, करीब 600 युवाओं पर FIR को लेकर उठाए सवाल.

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रांची: झारखंड में JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रांची के सांसद और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर आपत्ति जताई।

संजय सेठ ने दावा किया कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अपने अधिकारों की मांग कर रहे करीब 600 युवाओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो युवाओं पर मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी।

बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह का उपद्रव या पत्थरबाजी नहीं हुई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने विधानसभा मार्च से पहले रांची में की गई व्यापक बैरिकेडिंग और मुख्यमंत्री आवास के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

CDPO परीक्षा को लेकर प्रदर्शनकारियों के आरोप

छात्र आंदोलन के बीच CDPO परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे प्रमोद कुमार पाठक को लेकर कुछ आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके कथित संबंध उत्तर प्रदेश के एक सॉल्वर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं और उनके पुराने मामलों की भी जांच होनी चाहिए।

हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सामने लाया जाए।

CBI जांच की मांग पर कायम छात्र

प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया, अभ्यर्थियों की पृष्ठभूमि और कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्वतंत्र जांच के जरिए ही परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकता है।

JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन में CBI जांच की मांग प्रमुख बनी हुई है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के प्रयासों के बावजूद कई मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन सकी है।

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