रांची: खेल के मैदान पर देश और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके रांची के अमरदीप कुमार आज आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। 27 वर्षीय अमरदीप ने करीब 12 वर्षों तक थ्रोबॉल में सक्रिय रहते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया तथा कई स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके बावजूद उन्हें अब तक सरकारी सहायता या प्रोत्साहन राशि मिलने का इंतजार है।
अरगोड़ा के महावीर नगर निवासी अमरदीप ने बताया कि उन्होंने 10वीं कक्षा के बाद थ्रोबॉल खेलना शुरू किया था। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से उनके खेल करियर की शुरुआत हुई। आर्थिक परिस्थितियां ठीक नहीं होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी।
विदेशों में भी जीत चुके हैं स्वर्ण पदक
अमरदीप के अनुसार, उन्होंने 2015 में मलेशिया में आयोजित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2017 में नेपाल में भारत-नेपाल प्रतियोगिता और 2019 में बेंगलुरु में आयोजित साउथ एशियन प्रतियोगिता में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
2026 में रांची के खेलगांव स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित साउथ एशियन प्रतियोगिता में भी उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल हासिल किया।
सहायता राशि के लिए वर्षों से कर रहे प्रयास
अमरदीप का कहना है कि वह पिछले सात-आठ वर्षों से खेल निदेशालय से सहायता राशि और प्रोत्साहन की उम्मीद लगाए हुए हैं। 15 जुलाई को उन्होंने डीडीसी कार्यालय में आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया था। वहां से आवेदन की प्राप्ति मिलने के बाद उपायुक्त के हस्ताक्षर के साथ इसे खेल निदेशालय भेजा गया।
इसके बाद अमरदीप अपने आवेदन की स्थिति जानने और मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए खेल निदेशालय पहुंचे। उनका दावा है कि वहां उन्हें बताया गया कि जिस खेल में वह हिस्सा लेते हैं, उसे संबंधित भारतीय संघ से मान्यता प्राप्त नहीं होने के कारण सहायता राशि देने में कठिनाई है। अमरदीप का कहना है कि थ्रोबॉल को झारखंड ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त है।
परिवार की मदद के लिए बेच रहे सब्जी, कैब भी चलाते हैं
खेल में वर्षों बिताने के बावजूद आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण अमरदीप अब परिवार के साथ अरगोड़ा चौक पर सब्जी बेचते हैं। इसके अलावा, समय मिलने पर निजी कैब भी चलाते हैं।
उनका कहना है कि उन्होंने अपने जीवन के लगभग 12 वर्ष खेल को दिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीते। लेकिन खेल उपलब्धियों के बावजूद उन्हें आर्थिक स्थिरता हासिल नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री को भी दे चुके हैं आवेदन
अमरदीप के मुताबिक, उन्होंने अपनी आर्थिक समस्या को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष भी आवेदन दिया है। उनका कहना है कि वर्षों से संबंधित विभागों के चक्कर लगाने के बावजूद अब तक उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली है।
अमरदीप की कहानी यह सवाल उठाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सरकारी सहायता और प्रोत्साहन कब मिलेगा।
