चारधाम यात्रा में किसी यात्री की मौत होती है तो उसके परिजनों को बीमा का लाभ मिलेगा. यही नहीं ये प्रोसेस किसी भी भगदड़, प्राकृतिक आपदा, ईश्वरीय जोखिम और आतंकवाद जैसी घटनाओं के दौरान भी फॉलो होगी. जिसके लिए श्रद्धालु की मौत के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवानी पड़ेगी. जिसके बाद कार्रवाई करने के बाद मृतक के परिवार को इसका लाभ मिलेगा, जो किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. वहीं प्रत्याशित (स्वाभाविक) और अप्रत्याशित (दुर्घटना/आपदा) में मौत होने पर एक यात्री के परिजनों को एक लाख रुपए की धनराशि दी जाएगी.
चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही यात्रियों के मौत के आंकड़े भी बढ़ते जाते हैं. ऐसे में यात्रा सीजन में यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवालिया निशान लगते रहते हैं. वहीं पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से 10 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा कराया गया.
गौर हो कि हर साल चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हमेशा सवालों के घेरे में रहती है. यात्रा के दरमियान यात्रियों की मौत के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. ऐसे में मानव उत्थान सेवा समिति आगे आई है और इस वर्ष भी 10 करोड़ रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया है. उत्तराखंड के चारों धामों के लिए 2.50-2.50 करोड़ रुपये का कवर निर्धारित किया गया है. उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से चारधाम यात्रियों के लिए दुर्घटना बीमा करवाया है.
यात्रा पर आने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं. यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, लेकिन यात्रियों को अपनी व्यक्तिगत सावधानियां भी बरतनी चाहिए. जरूरी दवाएं, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और आवश्यक दस्तावेज साथ रखें. अचानक मौसम बदलने से यात्रा प्रभावित होती है, असलिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. प्रत्याशित और अप्रत्याशित मौत होने पर एक यात्री के परिजनों को एक लाख रुपए की धनराशि दी जाएगी.
सतपाल महाराज, पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री
सतपाल महाराज ने 3 लाख 67 हजार 995 रुपये की प्रीमियम राशि का चेक सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंपा है. पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ईटीवी से बातचीत करते हुए बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान यदि किसी भी तीर्थयात्री की चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में किसी भी वजह से मौत होती है तो उसके परिजनों को बीमा की राशि प्रदान की जाएगी. यह मौत किसी भी तरह की हो सकती है, जिसमें भगदड़, प्राकृतिक आपदा, हार्ट अटैक कारण शामिल है.
बीमा राशि के लिए सभी के परिजन अलग-अलग क्लेम करेंगे. इस बीमा को क्लेम करने के लिए चारधाम में श्रद्धालु की मौत होने पर वहां पर प्राथमिकी (FIR) लॉज करवानी पड़ेगी, जिससे परिजन इस बीमा का लाभ ले सकते हैं. यही प्रोसेस किसी बड़ी आपदा के दौरान भी फॉलो होगा. पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन पर कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी निर्देशित किया है कि चारधाम में वीआईपी दर्शन नहीं होंगे और सभी को सामान्य दर्शन होंगे. सभी भक्ति भाव से एक साथ दर्शन कर सकते हैं.
केदारनाथ में स्वास्थ्य बीमा या दुर्घटना बीमा का लाभ केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों और उनके परिवारों को मानसिक सुरक्षा भी देता है. यदि किसी दुर्घटना, भगदड़ या आपदा की स्थिति उत्पन्न होती है, तो बीमा से तत्काल सहायता मिल सकती है. यात्रियों के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था अतिरिक्त भरोसा देती है.
कुलदीप नेगी,वरिष्ठ पत्रकार
परिजनों को इन परिस्थितियों में भी मिलेगा लाभ: बीमा योजना के अनुसार मंदिर परिसरों में भगदड़, प्राकृतिक आपदा, ईश्वरीय जोखिम और आतंकवाद जैसी घटनाओं से प्रभावित प्रत्येक श्रद्धालु को एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी. यह व्यवस्था यात्रा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए की गई है. विगत वर्षों में भी यह योजना लागू रही है और इसे यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है.


