Sunday, May 17, 2026

मोदी-यूएई डील से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी; शून्य लागत पर 70% बढ़ेगा तेल भंडार और मिलेंगे 5 अरब डॉलर के निवेश.

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 वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर मंडराते संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और रणनीतिक कामयाबी हासिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संक्षिप्त और अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कई गेम-चेंजर समझौतों को अंतिम रूप दिया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस यात्रा के नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि यूएई अब भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) में 30 मिलियन (3 करोड़) बैरल कच्चे तेल का भंडारण करेगा.

ऊर्जा सुरक्षा में 70% तक का बंपर इजाफा
इस समझौते के तहत अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) और भारतीय ऊर्जा कंपनियों के बीच सहमति बनी है. वर्तमान में भारत का रणनीतिक तेल भंडार लगभग 3.8 करोड़ बैरल है, जिसमें इस डील के बाद करीब 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. यह कदम संकट या युद्ध जैसी स्थिति में भारत के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगा. इसके साथ ही, देश में रणनीतिक गैस भंडार स्थापित करने और दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति के लिए भी बड़े समझौते किए गए हैं.

₹41,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश
ऊर्जा क्षेत्र के अलावा, आर्थिक मोर्चे पर भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली है. यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर (लगभग 41,000 करोड़ रुपये) के नए निवेश प्रतिबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत ‘एमिरेट्स एनबीडी बैंक’ भारत के आरबीएल बैंक (RBL Bank) में निवेश करेगा. वहीं, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) भारत के राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) में और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) भारत की सरमा कैपिटल में भारी निवेश करेगी.

डिफेंस और शिपबिल्डिंग में नया ‘गेम प्लान’
दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाते हुए एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी के ढांचे को मंजूरी दी है. इसके तहत रक्षा विनिर्माण, अत्याधुनिक तकनीक और सैन्य उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत किया जाएगा. भारत के शिपबिल्डिंग उद्योग को बढ़ावा देते हुए ‘कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड’ और दुबई की ‘ड्रायडॉक्स वर्ल्ड’ के बीच समझौता हुआ है. इसके तहत भारत के वाडिनार (Vadinar) में एक अत्याधुनिक ‘शिप रिपेयर क्लस्टर’ और समुद्री क्षेत्र के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा.

सुपरकंप्यूटिंग और वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर
तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए भारत में एक एआई-स्केल्ड सुपरकंप्यूटिंग सुविधा स्थापित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो भारत के एआई मिशन को नई रफ्तार देगा. इसके अलावा, दोनों देशों के बंदरगाहों के बीच ‘मैत्री’ (METRI) नामक एक वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर को चालू किया गया है, जिससे समुद्री व्यापार अधिक सुगम और कुशल हो जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हुए हालिया हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ‘स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज’ से बिना किसी रुकावट के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया.

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