Saturday, May 9, 2026

चनपटिया में प्राथमिकी दर्ज – फाइनेंस कर्मियों ने हड़पे ग्राहकों से ऋण वसूली के 5.97 लाख रुपये

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मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड की चनपटिया शाखा में तीन कर्मचारियों ने ऋण वसूली के दौरान 5.97 लाख रुपये का गबन किया। डिविजनल मैनेजर प्रणय कुमार सिन्हा ने चनपटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है जिसमे तीन आरोपियों पर ग्राहकों से ऋण की वसूली कर राशि जमा न करने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बेतिया। मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड कंपनी शाखा टिकुलिया चनपटिया के तीन कर्मियों ने कंपनी की ओर से ग्राहकों को दिए गए ऋण वसूली कर राशि हजम कर लिया है।

मामले में मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड कंपनी के डिविजनल मैनेजर बेगूसराय जिला के तेघरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबा वार्ड नंबर आठ खाजे जहानपुर निवासी प्रणय कुमार सिन्हा ने चनपटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

चनपटिया थानाध्यक्ष प्रभाकर पाठक ने बताया कि प्रणय कुमार सिन्हा की शिकायत पर पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के आमोदेई निवासी संजय कुमार ठाकुर, पिपरा कोठी थाना के पंडितपुर निवासी मनीष कुमार व चौतरवा थाना क्षेत्र के सिकतौर हरपुर निवासी अनीश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।

54 ग्राहक व 54 ऋण धारकों के पैसे गायब

कंपनी के टिकुलिया शाखा में संजय कुमार ठाकुर सहायक शाखा प्रबंधक व अन्य दोनों आरोपित अनीश कुमार व मनीष कुमार रिलेशनशिप ऑफिसर के पद पर तैनात थे। संजय कुमार ठाकुर पर कंपनी के 66 ग्राहक व 79 ऋण धारकों से 1,858,856 रुपये, अनीश कुमार पर 93 ग्राहक व 95 ऋण धारकों से 2,66,140 रुपये व मनीष कुमार पर 54 ग्राहक व 54 ऋण धारकों से 1,45,860 रुपये लेकर हजम करने का आरोप है।

विगत 13 मार्च से 24 जुलाई के बीच ऋण वसूली कर रुपये हजम किया गया है। दर्ज प्राथमिकी में प्रणय कुमार सिन्हा ने बताया है कि मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड कंपनी केरल में है, जिसकी शाखा टिकुलिया में चलती है।

स्वरोजगार और घर आधारित व्यवसाय के लिए ऋण

कंपनी रिजर्व बैंक के माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट के दिशा निर्देशों के अनुसार अल्पकालिक ऋण योजना चलाती है। ग्रामीण व शहरी महिलाओं को स्वरोजगार और घर आधारित व्यवसाय के लिए ऋण देती है।

ऋण की साप्ताहिक और मासिक किस्त उनके घर से एकत्रित करके कार्यालय में जमा करना होता है। तीनों आरोपित कंपनी के टिकुलिया शाखा में कार्यरत थे।

तीनों ने एक षड्यंत्र के तहत ग्राहकों और ऋण धारकों से रुपये वसूल लिए, कंपनी के शाखा में जमा नहीं किया और अचानक कार्यालय आना बंद कर दिया। फोन से बात करने पर कभी बीमारी तो कभी घरेलू समस्या बात कर समय जाया करते रहे।

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