मुंबई। गणेश चतुर्थी के चलते भारतीय शेयर बाजार में आज, सोमवार 14 सितंबर को कारोबार नहीं होगा। National Stock Exchange of India (NSE) और BSE Ltd (BSE) ने त्योहार के कारण आज को ट्रेडिंग अवकाश घोषित किया है।
आज शेयरों के साथ-साथ इक्विटी डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में भी कारोबार बंद रहेगा। हालांकि कमोडिटी मार्केट का शेड्यूल अलग रहेगा। MCX पर सुबह का सत्र बंद रहेगा, जबकि शाम 5 बजे के बाद कारोबार शुरू होगा और रात तक जारी रहेगा।
सेटलमेंट भी आज नहीं होगा
सोमवार को सेटलमेंट हॉलिडे होने के कारण शुक्रवार के कारोबारी सौदों का क्लियरिंग और सेटलमेंट भी आज नहीं किया जाएगा। यह प्रक्रिया अगले कारोबारी दिन पूरी होगी।
बाजार मंगलवार, 15 सितंबर को अपने नियमित समय पर फिर खुलेगा।
पिछले सप्ताह बाजार पर भारी दबाव
छुट्टी से पहले बीता कारोबारी सप्ताह घरेलू शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला।
सप्ताह के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी में 2% से ज्यादा की गिरावट
निफ्टी 50 पूरे सप्ताह में 2.09 प्रतिशत नीचे आया। शुक्रवार को भी इसमें 0.34 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 23,398 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स भी दबाव में
बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 120 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,781 अंक पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 2.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और महंगाई ने बढ़ाई चिंता
बाजार में कमजोरी के पीछे वैश्विक आर्थिक संकेतकों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिका में महंगाई से जुड़े मजबूत आंकड़ों के बाद निवेशकों के बीच यह आशंका बढ़ी कि ब्याज दरों में राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के करीब 5 प्रतिशत पहुंचने से भी वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ा। ऊंची ब्याज दरों की आशंका से निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों में सतर्क रुख अपनाया।
रियल्टी और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
पिछले सप्ताह बिकवाली का असर कई प्रमुख सेक्टरों पर देखने को मिला। NSE का निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 6.54 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टरों में रहा।
आईटी शेयर भी दबाव में रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 5.78 प्रतिशत नीचे आया। अमेरिकी ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को आईटी कंपनियों के लिए भी चुनौती माना जा रहा है।
इसके अलावा नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़े बदलावों के कारण डेरिवेटिव एक्सपायरी वाले दिनों में बाजार में अतिरिक्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
