Sunday, October 4, 2026

गंडक तटबंध क्षति मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, 7 इंजीनियर निलंबित.

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Bihar News: गंडक नदी में रिकॉर्ड स्तर के जलस्राव के दौरान तटबंधों की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने में कथित लापरवाही को लेकर बिहार जल संसाधन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता के विरुद्ध भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया है।

नेपाल और यूपी में बारिश के बाद बढ़ा था गंडक का जलस्तर

विभाग के मुताबिक नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंडक नदी में असाधारण जलस्राव हुआ। नेपाल के देवघाट में नदी का जलस्तर पुराने रिकॉर्ड को पार कर गया। बिहार में भी बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में गंडक का पानी ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा।

इस दौरान कई जगह तटबंधों को नुकसान पहुंचा और कुछ स्थानों पर ब्रीच की स्थिति बनी। विभागीय आकलन में बताया गया कि ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए तत्काल आकस्मिक कार्य शुरू किया जाना था।

जलस्तर में अब गिरावट, तटबंधों पर दबाव कम

फिलहाल गंडक का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है। सारण के रेवाघाट में पानी का स्तर अधिकतम स्तर से 177 सेंटीमीटर कम हो चुका है और खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं वैशाली के लालगंज में जलस्तर 130 सेंटीमीटर घटा है, हालांकि वहां पानी अभी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है।

विभाग के अनुसार तटबंधों पर फिलहाल जलस्तर का दबाव नहीं है। सीपेज और पाइपिंग की समस्या भी नहीं बताई गई है। क्षतिग्रस्त हिस्सों पर फ्लड फाइटिंग सामग्री उपलब्ध कराई गई है और कट-एंड को सुरक्षित करने का काम जारी है।

आपात कार्य में लापरवाही का आरोप

विभागीय जांच में कुछ स्थानीय अभियंताओं पर आकस्मिक कार्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने का आरोप सामने आया। विभाग के अनुसार तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद संबंधित स्थानों पर तत्काल मौजूद रहकर उपलब्ध संसाधनों और मैनपावर का इस्तेमाल किया जाना था।

आरोप है कि कुछ अभियंता ब्रीच स्थल से हट गए और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को समय पर जुटाने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। मुख्यालय पटना और दूसरे जिलों से फ्लड फाइटिंग सामग्री भेजे जाने तथा अतिरिक्त अभियंताओं की तैनाती के बावजूद काम में शिथिलता बरतने की बात विभागीय आकलन में कही गई है।

जनप्रतिनिधियों से समन्वय की कमी भी सामने आई

विभाग के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ जरूरी समन्वय नहीं होने की बात भी सामने आई। इस कारण कुछ स्थानों पर अभियंताओं को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी की स्थिति बनी।

जल संसाधन विभाग ने आपदा जैसी परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर माना है और कहा है कि ऐसी स्थिति में कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सात अभियंताओं पर निलंबन की कार्रवाई

जिन सात अभियंताओं को निलंबित किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, छपरा
  • मोहम्मद साजिद इकबाल, कार्यपालक अभियंता, गोपालगंज
  • सुनील कुमार, सहायक अभियंता, छपरा
  • विनोद कुमार, सहायक अभियंता, छपरा
  • मोहम्मद जावेद अंसारी, सहायक अभियंता, गोपालगंज
  • चंद्रशेखर कुमार, कनीय अभियंता, छपरा
  • विकास कुमार, कनीय अभियंता, गोपालगंज

वहीं मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ भी चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद आकस्मिक कार्रवाई में कथित शिथिलता और लापरवाही को लेकर विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

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