Sunday, October 4, 2026

Bihar School Bus Portal: निजी स्कूलों की बस और चालकों का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, रियल टाइम होगी निगरानी.

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पटना: स्कूली बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बिहार परिवहन विभाग ने डिजिटल निगरानी की दिशा में नई पहल की है। विभाग ने निजी स्कूलों में चलने वाले वाहनों और उनके चालकों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के लिए विशेष पोर्टल तैयार किया है।

पोर्टल का तकनीकी विकास पूरा हो चुका है। इसे वाहन और सारथी पोर्टल से जोड़ने के बाद ऑनलाइन शुरू किए जाने की योजना है। नई व्यवस्था लागू होने पर स्कूलों के वाहनों से संबंधित जानकारी विभाग के पास एक केंद्रीकृत डाटाबेस में उपलब्ध रहेगी।

निजी स्कूलों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी

पोर्टल के शुरू होने के बाद राज्य के सभी निजी स्कूलों को इसमें अपना निबंधन कराना होगा। स्कूल प्रबंधन को अपने यहां बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली बस, मिनी बस, वैन और अन्य वाहनों का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा।

इसके साथ ही वाहन चलाने वाले प्रत्येक चालक की आवश्यक जानकारी भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे परिवहन विभाग को स्कूल वाहनों और उनके चालकों से संबंधित रिकॉर्ड एक जगह मिल सकेगा।

फिटनेस और बीमा की जानकारी भी ऑनलाइन

नई डिजिटल व्यवस्था में केवल वाहन और चालक का विवरण ही नहीं, बल्कि वाहनों के जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसमें फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा, परमिट और अन्य आवश्यक कागजात शामिल होंगे।

इस डाटाबेस के जरिए विभाग स्कूलों में संचालित वाहनों की दस्तावेजी स्थिति पर लगातार नजर रख सकेगा।

दस्तावेज की समयसीमा खत्म होने पर मिलेगा अलर्ट

पोर्टल की महत्वपूर्ण विशेषताओं में दस्तावेजों की वैधता पर निगरानी भी शामिल है। किसी स्कूल वाहन के फिटनेस प्रमाण-पत्र या बीमा की अवधि समाप्त होने वाली होगी, तो सिस्टम के माध्यम से विभाग और संबंधित स्कूल प्रबंधन को स्वत: अलर्ट मिलने की व्यवस्था रहेगी।

इससे स्कूल प्रबंधन को समय रहते दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने का अवसर मिलेगा और वैध कागजात के बिना वाहन संचालन की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।

रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी निगरानी

परिवहन विभाग का उद्देश्य स्कूल वाहनों से जुड़ी सूचनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर निगरानी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना है। पोर्टल के माध्यम से वाहनों की स्थिति और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी रियल टाइम आधार पर देखना संभव होगा।

विभाग को उम्मीद है कि इससे स्कूल वाहनों की निगरानी बेहतर होगी और बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

एक जगह उपलब्ध होगा पूरा डाटाबेस

नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के निजी स्कूलों में संचालित वाहनों और उनके चालकों का केंद्रीकृत रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा। विभाग इसी डाटाबेस के आधार पर वाहनों के फिटनेस, बीमा, परमिट और अन्य दस्तावेजों की स्थिति की निगरानी कर सकेगा।

इस डिजिटल व्यवस्था से स्कूल प्रबंधन और परिवहन विभाग के बीच जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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