Monday, October 12, 2026

कोसी-गंडक पर हाई लेवल डैम की तैयारी, सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी के 25 साल के कार्यकाल पर कही बड़ी बात.

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पटना, 12 अक्टूबर 2026: बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों पर हाई लेवल डैम बनाने की योजना पर काम किए जाने की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बाढ़ नियंत्रण के लिए व्यापक योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और शासन के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय, आवास, राशन, गैस कनेक्शन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए विकसित बिहार के निर्माण का लक्ष्य दोहराया।

कोसी और गंडक पर हाई लेवल डैम बनाने की योजना

बिहार के कई इलाकों में हर साल बाढ़ से जनजीवन, खेती और बुनियादी ढांचे पर असर पड़ता है। खासकर कोसी और गंडक नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, इन नदियों और राज्य की अन्य प्रमुख नदियों पर हाई लेवल डैम बनाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि प्रस्तावित परियोजनाओं के तकनीकी पहलुओं और क्रियान्वयन की योजना को स्पष्ट किया जा सके।

सरकार का उद्देश्य बाढ़ के प्रभाव को कम करना और प्रभावित क्षेत्रों को राहत पहुंचाना है। हालांकि, परियोजनाओं की लागत, निर्माण स्थल, समयसीमा और निर्माण शुरू होने की तारीख के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित योजना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पीएम मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का जिक्र करते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार मंत्रिपरिषद ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री की प्रशासनिक यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवधि को जनसेवा और राष्ट्र प्रथम की भावना से जोड़कर पेश किया।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के जरिए बिहार के विकास को गति देने की बात कही। सरकार का घोषित लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित बिहार का निर्माण करना है। इसके तहत निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने, नई तकनीक को प्रोत्साहन देने और सुशासन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

आवास, जनधन और मुफ्त राशन योजनाओं का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने बिहार को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिले लाभों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में जनधन योजना के तहत 7 करोड़ 5 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जाने की बात कही गई।

आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी कई आंकड़े सामने रखे गए।

योजना या सुविधारिपोर्ट में बताया गया आंकड़ा
जनधन योजना7.05 करोड़ से अधिक बैंक खाते
पक्के मकानवर्ष 2014 से 2026 के बीच करीब 55 लाख गरीब परिवारों को आवास मिलने का दावा
अतिरिक्त आवास आवंटनवित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 11.25 लाख मकानों का आवंटन बताए जाने की बात
स्वच्छ भारत मिशन1.5 करोड़ से अधिक शौचालय बनने का दावा
उज्ज्वला योजना1.30 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन मिलने का दावा
मुफ्त राशन8.57 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की बात

ये आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट में दिए गए विवरण पर आधारित हैं। इनके आधिकारिक स्रोत और गणना की अवधि की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा में विस्तार का दावा

मुख्यमंत्री ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी बात की। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,310 से बढ़कर 4,710 होने की जानकारी दी गई।

मेडिकल शिक्षा में सीटें बढ़ने से राज्य के विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर बनने के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने पर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, एमबीबीएस सीटों की वर्तमान संख्या और संबंधित मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृत सीटों की पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों से की जानी चाहिए।

केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास पर जोर

मुख्यमंत्री के बयान में बाढ़ नियंत्रण, सामाजिक कल्याण योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ बिहार के दीर्घकालीन विकास पर भी जोर दिया गया। सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित बिहार बनाने का लक्ष्य सामने रखा है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश, रोजगार, तकनीक और प्रशासनिक सुधारों को महत्वपूर्ण बताया गया। वहीं, कोसी और गंडक पर प्रस्तावित हाई लेवल डैम की योजना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अहम मानी जा सकती है। इसकी वास्तविक उपयोगिता परियोजना की तकनीकी रूपरेखा, पर्यावरणीय पहलुओं, वित्तीय स्वीकृति और निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगी।

बिहार में बाढ़ नियंत्रण योजना पर अब आगे क्या?

कोसी, गंडक और अन्य नदियों पर हाई लेवल डैम बनाने की घोषणा से बाढ़ प्रभावित इलाकों में उम्मीद जगी है। लेकिन परियोजना का वास्तविक लाभ तभी स्पष्ट होगा, जब DPR पूरी होगी, संबंधित मंजूरियां मिलेंगी और निर्माण की समयसीमा सामने आएगी।

फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, योजना पर प्रारंभिक स्तर पर काम जारी है। आने वाले समय में परियोजना की लागत, स्थान, केंद्र की भागीदारी और निर्माण कार्यक्रम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

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