Thursday, June 18, 2026

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लगभग 7 करोड़ खाताधारकों के लिए केंद्र सरकार सामाजिक सुरक्षा प्रणाली का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल सुधार लागू करने जा रही है.

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 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लगभग 7 करोड़ खाताधारकों के लिए केंद्र सरकार सामाजिक सुरक्षा प्रणाली का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल सुधार लागू करने जा रही है.NDTV Profit की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 के अंत तक पीएफ खाताधारकों को सीधे एटीएम (ATM) और यूपीआई (UPI) के माध्यम से त्वरित निकासी की क्रांतिकारी सुविधा मिलने जा रही है. इस आगामी अपग्रेड को ‘EPFO 3.0’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य पीएफ निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और पारदर्शी बनाना है.

सफलतापूर्वक पूरा हुआ तकनीकी परीक्षण
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में पुष्टि की है कि इस नई सुविधा का नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर किया जा रहा तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. विभाग द्वारा अपने कोर सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है, जिसके तुरंत बाद इस सेवा को लाइव कर दिया जाएगा. नई व्यवस्था के तहत सदस्यों को अब अपने ही पैसे निकालने के लिए नियोक्ताओं के हस्ताक्षर या लंबी कागजी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होगी.

निकासी सीमा और सुरक्षित भविष्य का नियम
कर्मचारियों के भविष्य और रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निकासी की कुछ सीमाएं तय की हैं:

75% तक तत्काल निकासी: आपातकालीन स्थितियों में खाताधारक अपने कुल ईपीएफ बैलेंस का 50% से 75% तक हिस्सा यूपीआई या एटीएम के माध्यम से निकाल सकेंगे.

25% लॉक-इन अनिवार्य: सेवानिवृत्ति कोष को सुरक्षित रखने के लिए खाते में न्यूनतम 25% बैलेंस हमेशा बरकरार रखना अनिवार्य होगा.

ऑटो-सेटलमेंट सीमा में वृद्धि: बीमारी, शिक्षा या विवाह जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होने वाली ऑटो-सेटलमेंट सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.

कैसे काम करेगी यूपीआई-एटीएम प्रणाली?
यह सुविधा लाइव होने पर सदस्यों को EPFO Member Portal या उमंग ऐप पर ‘Withdraw via UPI’ का नया विकल्प मिलेगा. सदस्य को वहां अपनी मान्य यूपीआई आईडी दर्ज करनी होगी, जिसके बाद Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप पर एक मैंडेट रिक्वेस्ट आएगी. आधार ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण पूरा होते ही फंड सीधे लिंक किए गए बैंक खाते में स्थानांतरित हो जाएगा, जिसे एटीएम के माध्यम से निकाला जा सकेगा.

ग्राहकों के लिए अनिवार्य प्रशासनिक निर्देश
इस तकनीक का निर्बाध लाभ उठाने के लिए खाताधारकों को अपनी KYC प्रक्रिया को तुरंत अपडेट करने की सलाह दी गई है. सदस्यों का UAN एक्टिवेट होना चाहिए तथा उनका मोबाइल नंबर आधार, बैंक खाते और ईपीएफओ डेटाबेस से हुबहू मैच होना अनिवार्य है.

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