औरंगाबाद में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आरबीएसके टीम ने सरकारी स्कूलों में छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की। जांच में 61% छात्राओं में एनीमिया पाया गया। 15849 छात्राएं बीमार मिलीं जिनमें से 13668 को आयरन की दवा दी गई और 121 को अस्पताल रेफर किया गया। 816 छात्राओं में दृष्टिदोष पाया गया और 7675 को एचपीवी का टीका लगाया गया।
औरंगाबाद। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आरबीएसके (आरबीएसके) टीम के द्वारा सरकारी विद्यालयों में स्क्रीनिंग की जा रही है। अभियान 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक चलाया जाएगा। 18 से लेकर 26 सितंबर तक नौ दिनों में टीम के द्वारा 94 सरकारी बालिका विद्यालयों में कुल 16,108 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई, उनकी स्क्रीनिंग की गई।
स्क्रीनिंग के दौरान 10,905 छात्राओं के हेमोग्लोबिन की जांच हुई। रिपोर्ट हैरान करने वाला है। 61 प्रतिशत छात्राओं में माइल्ड एनीमिया (10 से 11.9 ग्राम के बीच) रक्त पाया गया है। 939 छात्राओं में माडरेट (8 से 10 ग्राम के बीच) एवं 64 छात्राओं में सिवियर (6.5 से 7.9 ग्राम के बीच) हेमोग्लोबनी पाया गया है।
यह चिंताजनक स्थिति को प्रदर्शित करता है। सरकारी विद्यालयों में मिल रहे पोषण आहार की स्थिति पर सवाल खड़ा कर रहा है। छात्राओं में इतनी बड़ी मात्रा में एनीमिया मिलना विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़ता है।
15,849 छात्राएं मिली बीमार
आरबीएसके टीम के द्वारा लगातार बेहतर ढंग से स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है। स्क्रीनिंग के दौरान 15,849 छात्राएं कई तरह की बीमारी से ग्रसित मिली। विभिन्न तरह की स्वास्थ्य में परेशानियां आई हैं। टीम के द्वारा छात्राओं को उनके अंदर हुई बीमारी के बारे में जानकारी दी गई है। उन्हें आगे क्या करना है, उसके बारे में सलाह दी गई है।
13,668 छात्राओं को दी गई दवा
औरंगाबाद के 94 विद्यालयों में आरबीएसके की टीम ने जांच किया है। जांच के दौरान टीम के द्वारा 13,668 छात्राओं को आयरन की दवा दी गई है। आयरन की दवा इसलिए दिया गया है ताकि उनके अंदर खून की कमी न हो सके। आयरन की दवा के बारे में छात्राओं को जानकारी दी गई है।
121 छात्राएं की गईं रेफर
आरबीएसके टीम के द्वारा छात्राओं का हर तरह से स्वास्थ्य जांच किया। जांच के दौरान 121 छात्राओं में कुछ गंभीर बीमारी सामने आई है। इसको लेकर टीम के द्वारा सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए रेफर किया गया है। सरकारी अस्पतालों में उन सभी का उपचार किया जाएगा। निशुल्क जांच कर दवा दी जाएगी।
816 छात्राओं में मिला दृष्टिदोष
आरबीएसके टीम के द्वारा 13,686 छात्राओं का आंख जांच किया गया। जांच के दौरान 816 छात्राओं में आंख का दृष्टिदोष पाया गया है। छात्राओं को चिकित्सक से उपचार कराने की सलाह दी गई है। उनके दृष्टिदोष के बारे में जानकारी दी गई है। क्या समस्या है उसके बारे में बताया गया है।
7,675 छात्राओं को दिया गया एचपीवी का टीका
94 विद्यालयों में आरबीएसके टीम के द्वारा एचपीवी (हुमन पपिलोमा वायरस) का टीका दिया किया है। यह टीका छात्राओं को बच्चेदानी कैंसर से बचाव करेगा। औरंगाबाद में कुल 7,675 छात्राओं को यह टीका लगाया गया है। यह टीका महत्वपूर्ण है।
आरबीएसके टीम के द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। बालिका सरकारी विद्यालयों में जाकर टीम के द्वारा छात्राओं का स्क्रीनिंग किया जा रहा है। छात्राओं को बीमारी के बारे में बताया जा रहा है। उनके उपचार को लेकर सलाह दी जा रही है। टीम के सदस्य कार्य में लगे हैं। – नीलम रानी, कोआर्डिनेटर आरबीएसके औरंगाबाद।
सरकारी विद्यालयों में आरबीएसके की टीम जा रही है। टीम को बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए निर्देश किया गया है। 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक अभियान के तहत कार्य हो रहा है। हेमोग्लोबिन, बीपी, शुगर समेत अन्य तरह की जांच किया जा रहा है। दवाएं दी जा रही है। – मो. अनवर आलम, डीपीएम डीएचएस।


