Saturday, August 1, 2026

ओमान में फंसी झारखंड की प्रवासी महिला श्रमिक की होगी घर वापसी, प्रशासन ने पूरी की प्रक्रिया.

Share

रांची: ओमान (मस्कट) में फंसी झारखंड के सिमडेगा जिले की प्रवासी महिला श्रमिक प्रीति कुजूर की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार के अनुसार, भारतीय दूतावास और संबंधित विभागों के समन्वय से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। प्रीति 1 अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को झारखंड पहुंचने की संभावना है।

सोशल मीडिया पर मामला आने के बाद हुई कार्रवाई

सरकारी जानकारी के मुताबिक, मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (POE), रांची और भारतीय दूतावास, मस्कट के साथ समन्वय स्थापित कर वापसी की प्रक्रिया शुरू की।

नौकरी के नाम पर विदेश भेजे जाने का आरोप

बताया गया कि सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली की रहने वाली प्रीति कुजूर को मार्च 2026 में एक एजेंट ने दुबई में बेहतर वेतन वाली नौकरी का भरोसा दिलाया था। हालांकि, उन्हें ओमान भेज दिया गया, जहां कथित तौर पर कम वेतन पर काम कराया गया। भारत लौटने की इच्छा जताने पर कंपनी द्वारा वापसी के लिए अतिरिक्त राशि मांगे जाने की बात भी सामने आई।

दूतावास के हस्तक्षेप से पूरी हुई वापसी की प्रक्रिया

राज्य सरकार के अनुसार, कंपनी ने अनुबंध अवधि समाप्त होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग की थी। भारतीय दूतावास और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के प्रयासों के बाद राशि घटाकर 600 ओमानी रियाल कराई गई। निर्धारित भुगतान के बाद कंपनी ने उनका पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज वापस सौंप दिए, जिससे स्वदेश लौटने का रास्ता साफ हो गया।

प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर सरकार का जोर

राज्य सरकार ने कहा है कि देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार ने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष जरूरतमंद श्रमिकों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार सक्रिय है।

Read more

Local News