Thursday, June 18, 2026

एनएसई ने ₹30,000 करोड़ के भारत के सबसे बड़े आईपीओ के लिए सेबी के पास दस्तावेज जमा किए, जो पूरी तरह ओएफएस होगा.

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नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है. देश के सबसे बड़े शेयर बाजार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास शुरुआती दस्तावेज (DRHP) जमा कर दिए हैं. खबरों के मुताबिक, यह आईपीओ लगभग 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है. इसके साथ ही यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन जाएगा. इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया (₹27,870 करोड़) के नाम था.

6% हिस्सेदारी बेचेंगे मौजूदा निवेशक
यह आईपीओ पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा. इसका मतलब है कि एनएसई कंपनी के तौर पर कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी और न ही कोई नया फंड जुटाएगी. इसके बजाय, एक्सचेंज के मौजूदा संस्थागत निवेशक अपनी करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी (14.89 करोड़ शेयर) आम जनता और अन्य निवेशकों को बेचेंगे. इस बिक्री से मिलने वाला पूरा पैसा उन निवेशकों के पास जाएगा जो अपने शेयर बेच रहे हैं.

कौन से बड़े निवेशक बेच रहे हैं शेयर?
इस आईपीओ में कुल 23 मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं. देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) इसमें सबसे ज्यादा 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा. इसके अलावा एमएस स्ट्रेटेजिक (मॉरीशस), कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े नाम भी अपने शेयर बेच रहे हैं. हालांकि, एनएसई की सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जिसके पास 10.72% हिस्सेदारी है, इस आईपीओ में अपना एक भी शेयर नहीं बेच रही है.

10 साल का इंतजार और को-लोकेशन विवाद
एनएसई के लिस्टिंग की योजना पिछले 10 साल से अटकी हुई थी. एक्सचेंज ने पहली बार 2016 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था. लेकिन ‘को-लोकेशन विवाद’ (जिसमें कुछ ब्रोकर्स को बाजार के सर्वर तक पहले पहुंच देने का आरोप था) और गवर्नेंस की कमियों के कारण सेबी ने इसे मंजूरी नहीं दी थी. आखिरकार, साल 2025 में एनएसई ने इस मामले को सुलझाने के लिए सेबी को 1,388 करोड़ रुपये का निपटान शुल्क (सेटलमेंट अमाउंट) देने की पेशकश की, जिसके बाद आईपीओ का रास्ता साफ हुआ.

वित्तीय स्थिति और बाजार मूल्यांकन
बाजार के जानकारों के अनुसार, 30,000 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के आधार पर एनएसई का कुल बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैप) 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है. वित्तीय मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2025-26 में एनएसई का शुद्ध मुनाफा (PAT) 15% घटकर 10,302 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले साल 12,188 करोड़ रुपये था. हालांकि, मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8% बढ़कर 2,871 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.

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