Saturday, June 20, 2026

एक गेंदबाज ने 16 मैचों में 100 विकेट लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था, यह रिकॉर्ड आज तक नहीं टूटा है.

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नई दिल्ली: क्रिकेट के इतिहास में कई रिकॉर्ड बनते और टूट जाते हैं. लेकिन कई ऐसे भी रिकॉर्ड हैं जिन्हें आज भी नहीं तोड़ा जा सकता है. हालांकि हाल के दिनों में क्रिकेट का प्रारूप बदल गया है फिर भी कुछ पुराने रिकॉर्ड जस के तस बने हुए हैं. इन्हीं में से एक है सिर्फ 16 मैचों में 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड. 19वीं सदी में बना यह रिकॉर्ड 129 साल बाद भी नहीं टूटा है.

क्रिकेट की शुरुआत में पिचें सख्त हुआ करती थीं. ऐसी पिचों पर गेंदबाज विरोधी टीमों को डरा देता था. बल्लेबाज भी उसकी गेंदबाजी से खेलने से डरते थे. उसकी स्विंग और तेज गेंदबाजी के आगे विरोधी टीमें धूल चटा देती थीं. पिच कैसी भी हो इस गेंदबाज का एकमात्र लक्ष्य विकेट लेना होता था. उसकी ऐसी ख्याति थी कि एक बार गेंद उसके हाथ में आ जाती तो विकेट गिरना तय था. खासकर, उस जमाने में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के खिलाड़ी भी उसे देखकर कांप उठते थे. तो, वो खतरनाक गेंदबाज कौन है? आइए उस बारे में जानते हैं.

इंग्लैंड के दिग्गज जॉर्ज लोहमैन 19वीं सदी के सबसे धाकड़ गेंदबाजों में से एक थे. ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने वाले लोहमैन अपनी स्विंग और घातक गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों को परेशान करते थे. अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत से लेकर 1896 में लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर अपने आखिरी मैच तक उनकी गेंदबाजी शैली में कोई बदलाव नहीं आया. वह बेहद नियंत्रित थे. कई मौकों पर जब टीम हार के कगार पर थी, तब भी उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से मैच का रुख बदल दिया.

जॉर्ज लोहमैन ने अपने टेस्ट करियर में सिर्फ 18 मैच खेले लेकिन इस छोटे से दौर में ही उन्होंने एक बड़ा कीर्तिमान रच दिया. उन्होंने सिर्फ 16 मैचों में 100 विकेट लिए. उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में कुल 112 विकेट हासिल किए. उनका इकॉनमी रेट सिर्फ 1.88 है. यानी, उन्होंने हर ओवर में दो या उससे कम रन दिए. इसके अलावा उन्होंने 9 बार पांच और 5 बार 10 विकेट लिए हैं.

उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़ों में 28 रन देकर 9 विकेट शामिल हैं. एक टेस्ट मैच में उनके सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों में 45 रन देकर 15 विकेट शामिल हैं. इन आंकड़ों पर गौर करें तो आपको पता चलेगा कि जॉर्ज लोहमैन एक बेहतरीन गेंदबाज हैं.

129 सालों से अटूट रिकॉर्ड

लोहमैन के नाम यह रिकॉर्ड 1896 में दर्ज हुआ था और आज तक कोई भी गेंदबाज इसे तोड़ नहीं पाया है. हालांकि आज के गेंदबाज ज्यादा फिट और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित हैं, लेकिन सपाट पिचों और बल्लेबाजों के दबदबे के कारण ऐसा रिकॉर्ड संभव नहीं है. अब तक कोई भी 16 मैचों में 100 विकेट के रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाया है. यही वजह है कि यह क्रिकेट के इतिहास में एक अटूट रिकॉर्ड बना हुआ है.

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