उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक दुखद घटना में एक हाथी ने जंगल में चारा पत्ती लेने गए बुजुर्ग दंपती पर हमला कर दिया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। राजाजी नेशनल पार्क के पास जौलीग्रांट क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है। वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
जौलीग्रांट क्षेत्र में चारा पत्ती लेने जंगल में गए बुजुर्ग दंपती को हाथी ने पटक पटक कर मार डाला। बुजुर्ग दंपती के क्षत – विक्षत शव जंगल में बरामद हुए। जिन्हें पुलिस ने हिमालयन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। गुरुवार को उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

मामला जौलीग्रांट के बिचली जौली क्षेत्र का है। जहां पर राजेंद्र पंवार उम्र 70 वर्ष व उनकी पत्नी सुशीला पंवार उम्र 65 वर्ष प्रतिदिन की भांति सुबह करीब दस बजे घर के समीप ही देहरादून वनप्रभाग के थानों वन रेंज के अंतर्गत जौलीग्रांट क्षेत्र के जंगल में चारा पत्ती लेने के लिए गए थे। जब वह रोजाना की भांति दोपहर दो बजे तक वापस नहीं लौटे तो उनके स्वजनों को चिंता होने लगी।
इस बीच कोठारी मोहल्ले की एक महिला जो की जंगल में ही चारा पत्ती लेने के लिए गई हुई थी उसने एक व्यक्ति का शव जंगल में पड़े देखा और वह घबराकर गांव में आ गयी और उसने आस पड़ोस के लोगों को इसकी सूचना दी। वहीं बुजुर्ग दंपत्ति को भी ग्रामीण ढूंढने के लिए निकले हुए थे । इस तरह की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय निवासी राकेश डोभाल ने जौलीग्रांट पुलिस को मामले की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस कर्मी जंगल में बताए गए स्थान पर पहुंचे जहां पर बुजुर्ग दंपती के शव थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पड़े हुए थे।
वहीं पुलिस की सूचना पर मौके पर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और शव को जंगल से बाहर निकाला गया। जिन्हें हिमालयन अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया है। वहीं मृतक के घर पर पहुंचकर स्थानीय विधायक बृजभूषण गैरोला ने परिवार के लोगों को अपनी सान्त्वना दी। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। वही डीएफओ को मामले की जानकारी दी जिसके बाद डीएफओ नीरज कुमार शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मृतक के स्वजनों को दो-दो लाख रुपए के मुआवजा राशि के प्रारंभिक चेक सौपे।साथ ही उन्होंने कहा कि बाकी अन्य धनराशि जांच के उपरांत मृतकों के स्वजनों को दी जाएगी। वही उन्होंने लोगों से वन क्षेत्र में न जाने की भी अपील की। साथ ही स्थानीय वनकर्मीयो को लगातार आबादी क्षेत्र के समीप गस्त बढ़ाने के निर्देश दिए। और सोलर फेंसिंग के बीच में जंगल में जाने के लिए बनाए गए रास्तों को भी फिलहाल बंद करने के लिए कहा है। जिससे कि कोई भी व्यक्ति वन क्षेत्र में प्रवेश न करें जिससे कि कोई भी ऐसी अप्रिय घटना दोबारा हो।
हमेशा एक साथ ही रहते थे बुजुर्ग दंपत्ति
डोईवाला: बुजुर्ग दंपति की दर्दनाक मौत से पूरे गांव में गम का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनके घर में पहुंचकर अपना शोक जताया। तो वहीं ग्रामीणों ने बताया कि बुजुर्ग दंपत्ति हमेशा एक साथ ही रहते थे। और पूरी मेहनत के साथ कृषि के कार्य में जुटे रहते थे। साथ ही पशु पालन भी करते थे और प्रतिदिन वन क्षेत्र में चारा पत्ती के लिए दोनों एक साथ ही जाते थे।प्रतिदिन गांव के कई अन्य लोग भी उनके साथ होते थे। परंतु बुधवार को यह दोनों अकेले ही जंगल में गए थे। जहां हाथी की चपेट में यह आ गए और उनकी दर्दनाक मौत हो गई यह अपने पीछे तीन पुत्रों को छोड़ गए है। इनका बड़ा पुत्र जो की नेवी में गोवा में कार्यरत है। जबकि दो पुत्र गांव के घर में ही रहते हैं। इनका दूसरे नंबर का पुत्र भाजपा में सह सोशल मीडिया प्रभारी के दायित्व में है।
सुबह से ही गुस्से मे चिंघाड़ रही थी बच्चे के साथ घूम रही हथिनी
डोईवाला: दोनों दंपत्ति के हाथी के हमले से मौत के बाद आस पड़ोस के ग्रामीणों ने बताया कि सुबह से ही जंगल से हाथी के चिंघाड़ की तेज तेज आवाज आ रही थी। एक व्यक्ति ने बताया कि एक मादा हथिनी अपने बच्चे के साथ आबादी क्षेत्र से सटे क्षेत्र में सोलर फेंसिंग के किनारे- किनारे ही घूमती देखी गई।ग्रामीणों को शंका है कि इसी हथिनी ने करीब 12 से 1 बजे के मध्य इन दोनों बुजुर्ग दंपति पर हमला कर इन्हें मौत के घाट उतारा है। दोनों बुजुर्ग दंपत्ति का शव जंगल में करीब आधा किलोमीटर से अधिक दूरी पर बरामद हुआ था। वहीं ग्रामीणों को यह भी शंका है कि हथिनी ने किसी एक पर हमला किया होगा और दूसरा व्यक्ति अपने जीवनसाथी को बचाने के लिए आगे आया होगा जिस पर क्रोधित हथिनी ने उसे भी मौत के घाट उतार दिया


