Sunday, August 23, 2026

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल और चीनी की कीमतों पर इरफान अंसारी ने केंद्र को घेरा.

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रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल और चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। उनके मुताबिक एक तरफ वाहन चालकों के सामने ईंधन की अनुकूलता और माइलेज को लेकर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर महंगी चीनी से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।

इथेनॉल वाले पेट्रोल पर उठाए सवाल

इरफान अंसारी का कहना है कि पेट्रोल में इथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ वाहन मालिकों के बीच अपनी गाड़ियों की अनुकूलता को लेकर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि उनके वाहन के लिए किस प्रकार का ईंधन उपयुक्त है।

मंत्री ने यह भी कहा कि वाहन चालकों की जरूरत और वाहन की क्षमता को देखते हुए उन्हें ईंधन चुनने का पर्याप्त विकल्प मिलना चाहिए।

चीनी की कीमत को लेकर भी चिंता

स्वास्थ्य मंत्री ने चीनी की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसकी बढ़ती लागत का सीधा असर घर के मासिक खर्च पर पड़ता है। उन्होंने केंद्र की नीतियों पर सवाल करते हुए पूछा कि आर्थिक फैसलों में आम उपभोक्ता और किसानों के हितों के बीच संतुलन कैसे बनाया जा रहा है।

उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और उपभोक्ताओं को जरूरी वस्तुएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हों।

महंगाई के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना

इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि महंगाई से पहले से परेशान लोगों पर नीतिगत फैसलों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को आर्थिक और ऊर्जा संबंधी नीतियां बनाते समय आम परिवारों, किसानों और वाहन मालिकों की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।

उन्होंने केंद्र से मौजूदा नीतियों की समीक्षा करने की मांग की और कहा कि विकास की चर्चा के साथ आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।

किसान और उपभोक्ता दोनों के हित की बात

मंत्री ने कहा कि किसी भी नीति का उद्देश्य ऐसा होना चाहिए जिससे उत्पादन करने वाले किसान को बेहतर मूल्य मिले और अंतिम उपभोक्ता पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न आए।

उन्होंने कहा कि ईंधन से जुड़े फैसलों में वाहन मालिकों की व्यावहारिक समस्याओं और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आम परिवारों के खर्च को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार से इन मुद्दों पर दोबारा विचार करने और ऐसी नीतियां तैयार करने की अपील की, जिनमें किसान, उपभोक्ता और वाहन मालिक—तीनों के हितों का संतुलन बना रहे।

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