सीवान: जिले में प्याज की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 12 अगस्त तक करीब 29 से 32 रुपये प्रति किलो बिकने वाली प्याज अब ग्रामीण और छोटे बाजारों में 50 से 55 रुपये किलो तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े भाव का असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
13 अगस्त के बाद लगातार बढ़े भाव
स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक प्याज की कीमतों में तेजी 13 अगस्त के आसपास शुरू हुई। इससे पहले थोक बाजार में इसका भाव करीब 2,900 रुपये प्रति क्विंटल था। इसके बाद कीमतों में लगातार इजाफा हुआ और अब थोक स्तर पर भी प्याज करीब 45 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
खुदरा बाजार में स्थिति और महंगी है। ग्रामीण इलाकों के छोटे बाजारों में ग्राहकों को प्याज के लिए 50 से 55 रुपये प्रति किलो तक खर्च करना पड़ रहा है।
कम हुई प्याज की आवक
व्यापारियों का कहना है कि सीवान में प्याज की आपूर्ति कई राज्यों से होती है। महाराष्ट्र के नासिक और गुजरात समेत प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मौसम की मार और कम उत्पादन का असर आवक पर पड़ा है। आपूर्ति घटने के कारण स्थानीय बाजार में कीमतें बढ़ी हैं।
एक कारोबारी के अनुसार पहले नासिक, नागपुर और कानपुर जैसे क्षेत्रों से भी प्याज की खेप सीवान पहुंचती थी। फिलहाल इंदौर से आने वाली प्याज पर ज्यादा निर्भरता बनी हुई है।
10-12 ट्रकों से घटकर 4-5 ट्रक रह गई आवक
कारोबारियों के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले जिले में रोजाना 10 से 12 ट्रक प्याज पहुंच रहे थे। प्रत्येक ट्रक में लगभग 10 से 15 टन माल आता था। अब रोजाना आवक घटकर करीब चार से पांच ट्रक रह गई है।
आवक में इस कमी का सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से कीमतें ऊपर चली गई हैं।
कम खरीदारी कर रहे ग्राहक
महंगाई का असर उपभोक्ताओं की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है। पहले कई परिवार एक बार में पांच से दस किलो तक प्याज खरीद लेते थे, लेकिन बढ़े हुए दाम के कारण अब लोग जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। आम लोगों को उम्मीद है कि बाजार में नई आवक बढ़ने के साथ प्याज की कीमतों में राहत मिलेगी।
