बहुत से लोग एडविल, मोट्रिन या एलेवे जैसी पेन रिलीविंग मेडिसिन का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के आंख मूंदकर करते हैं, यह मानकर कि ये मामूली दर्द के लिए रोजाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं. हालांकि, 2012 के एक अध्ययन से पता चलता है कि दिल के दौरे से बचे लोगों को इन आम दवाओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है.
जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित, एक अध्ययन में पाया गया कि NSAIDs, जो आमतौर पर दर्द और सूजन को कम करने के लिए उपयोग की जाती हैं, हार्ट डिजीज के इतिहास वाले लोगों में दिल के दौरे और मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकती हैं. हालांकि, NSAIDs को आमतौर पर कम से मध्यम खुराक पर कभी-कभार इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है, अध्ययन इस बात पर ज़ोर देता है कि जिन लोगों को दिल का दौरा पड़ चुका है, उन्हें ये दवाएं लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
दर्द निवारक दवाओं और बार-बार दिल का दौरा पड़ने के जोखिम के बारे में अध्ययन से क्या पता चला
डेनमार्क में किए गए इस अध्ययन में लगभग 1,00,000 ऐसे लोगों पर नजर रखी गई, जिन्हें पहली बार दिल का दौरा पड़ा था. इस अध्ययन के लिए पांच साल तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी गई. इस दौरान, लगभग आधे लोगों को दर्द से राहत के लिए NSAIDs दी गईं. जिसके बाद रिजल्ट में एक चौंकाने वाला पैटर्न देखा गया.
परिणामों NSAIDs लेने वालों में दवा न लेने वालों की तुलना में पहले वर्ष के भीतर मृत्यु की संभावना लगभग 60 प्रतिशत अधिक थी. वहीं, अध्ययन में यह भी पता चला कि इन दवाओं के इस्तेमाल से दूसरे दिल के दौरे या गंभीर हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है. ये निष्कर्ष उन हृदय रोगियों के लिए दीर्घकालिक निगरानी के महत्व को रेखांकित करते हैं जो शुरुआती सुधार के बाद भी ऐसी दवाओं का सेवन जारी रखते हैं.
कौन सी दर्द निवारक दवाइयां सबसे ज्यादा खतरा पैदा करती हैं
सभी NSAIDs में खतरा एक जैसा नहीं होता है. अध्ययन में पाया गया कि डाइक्लोफेनाक, जिसे वोल्टेरेन और कैटाफ्लैम जैसे ब्रांड नामों के तहत बेचा जाता है. ये मृत्यु दर और दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकती हैं, खासकर अगर आपको पहले से ही दिल की समस्या है.
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के अनुसार, सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली NSAIDs में से एक, आइबुप्रोफेन, अगर नियमित रूप से अधिक मात्रा में ली जाए, तो इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा, जब आप बहुत अदिक आइबुप्रोफेन लेते हैं, तो यह आपके पेट की परत में जलन पैदा कर सकती है, जिससे दर्दनाक अल्सर, आंतरिक रक्तस्राव या यहां तक कि छिद्र भी हो सकता . अगर तुरंत इलाज न किया जाए, तो ये स्थितियां जानलेवा हो सकती हैं. यह आपके किडनी को भी कमजोर कर देती है.
अगर आपने कभी आइबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन) या नेप्रोक्सन (एलेव, नेप्रोसिन) जैसी दवा ली है, तो आपने एक नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा (NSAID) ली है. कई NSAIDs बिना डॉक्टर के पर्चे के (OTC) उपलब्ध हैं. इनका इस्तेमाल अक्सर रोजमर्रा के दर्द और पीड़ा के लिए, या बुखार कम करने के लिए किया जाता है. लेकिन शोध बताते हैं कि आइबुप्रोफेन जैसी NSAIDs, खासकर जब अधिक मात्रा में ली जाती हैं, तो दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती हैं.
ये हैं सुरक्षित पेन रिलीफ टैबलेट्स
इसके विपरीत, नेप्रोक्सन (जो नेप्रोसिन और एलेव में पाया जाता है) अपेक्षाकृत सुरक्षित पाया गया और NSAIDs में सबसे कम जोखिम पैदा करता है. हालांकि, शोधकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि “कम रिस्क” का मतलब यह नहीं है कि “कोई रिस्क नहीं” नहीं है. नेप्रोक्सन का इस्तेमाल भी सावधानी से और केवल डॉक्टर के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए, खासकर उन मरीजों में जिन्हें पहले से ही हृदय संबंधी समस्याएं हैं.


