रांची: आईडीबीआई बैंक की प्रस्तावित बिक्री को लेकर अखिल भारतीय क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ (AIRRBEA) ने विरोध जताया है। संगठन ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों के हितों की रक्षा करने की अपील की है। संघ का कहना है कि सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था देश की अर्थव्यवस्था, वित्तीय समावेशन और आम लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है।
झारखंड ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव नितेश कुमार मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की आईडीबीआई बैंक में संयुक्त 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर AIRRBEA ने चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स से संबद्ध कंपनी को 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने का प्रस्ताव है।
सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था के भविष्य पर उठाए सवाल
AIRRBEA का कहना है कि आईडीबीआई बैंक पहले की वित्तीय चुनौतियों से उबरकर मुनाफा कमाने की स्थिति में आया है। ऐसे में बैंक का नियंत्रण निजी निवेशक को सौंपने के प्रस्ताव पर संगठन ने सवाल उठाए हैं।
नितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश के आर्थिक विकास, वित्तीय समावेशन और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनके मुताबिक, सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के निजीकरण से जुड़े फैसलों पर व्यापक जनहित और कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखकर विचार किया जाना चाहिए।
संगठन ने संसद में सरकारी हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से नीचे नहीं जाने के संबंध में दिए गए आश्वासन का भी उल्लेख किया और सरकार से इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करने तथा प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
नाबार्ड और ग्रामीण बैंकों को लेकर भी चिंता
आईडीबीआई बैंक के अलावा AIRRBEA ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के भविष्य को लेकर भी चिंता जाहिर की है। संगठन के अनुसार, सार्वजनिक स्वामित्व और संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से अन्य सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों पर भी असर पड़ सकता है।
संघ का कहना है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक किसानों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण आबादी तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन संस्थानों की मजबूती और स्वतंत्र सार्वजनिक भूमिका बनाए रखना जरूरी है।
कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा की मांग
AIRRBEA ने केंद्र सरकार से आईडीबीआई बैंक की प्रस्तावित बिक्री पर पुनर्विचार करने के साथ ही बैंक कर्मचारियों के वेतन, पदोन्नति, पेंशन और सेवा शर्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
संगठन ने बैंक कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मियों और लोकतांत्रिक ट्रेड यूनियनों से सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील भी की है।
AIRRBEA का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग व्यवस्था राष्ट्रीय आर्थिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसे मजबूत करने और आम जनता के हितों को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
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