पटना: बिहार सरकार ने शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार की अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT 2.0) योजना के अंतर्गत समस्तीपुर, सीतामढ़ी, खगड़िया और हाजीपुर के लिए करीब 829 करोड़ रुपये की पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद हजारों परिवारों को स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है।
समस्तीपुर में आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था
समस्तीपुर के लिए 228.45 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना स्वीकृत की गई है। इसके तहत लगभग 17,899 घरों तक नल जल कनेक्शन पहुंचाया जाएगा। योजना में इंटेक वेल, 80 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र, सात नई ओवरहेड पानी टंकियां, करीब 546.88 किलोमीटर लंबा वितरण नेटवर्क और आधुनिक SCADA आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी।
सीतामढ़ी में हजारों घरों तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
सीतामढ़ी के लिए 197.12 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। इसके अंतर्गत 18,599 घरों को जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। परियोजना में 33 ट्यूबवेल, 17 पंप हाउस, 34 आयरन रिमूवल प्लांट, 12 जलमीनार, 2.10 किलोमीटर राइजिंग मेन तथा लगभग 502.45 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का प्रावधान है।
खगड़िया में भी मजबूत होगी जलापूर्ति व्यवस्था
खगड़िया नगर क्षेत्र के लिए 170.86 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई है। इसके माध्यम से 19,436 परिवारों तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत 38.56 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल, 38.5 एमएलडी जल शोधन संयंत्र, छह जलमीनार, 13.20 किलोमीटर राइजिंग मेन और 211.22 किलोमीटर लंबा वितरण नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
हाजीपुर में बनेगा नया सीवरेज नेटवर्क
हाजीपुर के लिए 232.90 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत शहर के आठ वार्डों के 1,049 घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। परियोजना में 7 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), 47.19 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन, तीन इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन और 4.25 किलोमीटर राइजिंग मेन का निर्माण शामिल है।
शहरी सुविधाओं में होगा सुधार
नगर विकास एवं आवास विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारों शहरों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी, जलापूर्ति प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी और सीवरेज प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।


