Thursday, May 7, 2026

अपराजित लोहान को बड़ी जिम्मेदारी मिली है.

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पटना: मोकामा के दुलारचंद यादव की हत्या के बाद पटना पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. सरकार ने तत्काल प्रभाव से पटना के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम सिहाग का तबादला कर दिया है. उनकी जगह अब अपराजित लोहान को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. अपराजित लोहान इससे पहले पटना जिले के ट्रैफिक एसपी के पद पर कार्यरत थे. आदेश जारी होने के बाद उन्होंने अपने नए पद का कार्यभार संभाल लिया है.

मोकामा हत्याकांड के बाद प्रशासनिक फेरबदल: दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोकामा के बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह समेत उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद से ही इस केस की जांच को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे थे.

Aprajit Lohan Patna Rural SP

सूत्रों के अनुसार सरकार ने पुलिस व्यवस्था को और अधिक सशक्त एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह परिवर्तन किया है. अपराजित लोहान को ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने और मोकामा हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

अपराजित लोहान बने पटना ग्रामीण एसपी: अपराजित लोहान एक तेजतर्रार और सख्त मिजाज अधिकारी माने जाते हैं. ट्रैफिक एसपी के रूप में उन्होंने पटना शहर में कई बार भीड़ नियंत्रण और बड़े आयोजनों के दौरान प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन किया था. उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई है. प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और पुलिस की साख दोनों में सुधार देखने को मिलेगा.

विक्रम सिहाग मुख्यालय में तैनात: वहीं, विक्रम सिहाग को अब पटना पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित किया गया है. इस फेरबदल को मोकामा हत्याकांड से जुड़ी घटनाओं और जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.

क्या है मामला?: 30 अक्टूबर को मोकामा में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव का संदिग्ध अवस्था में शव मिला था. परिजनों ने जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह पर हत्या का आरोप लगाया था. जिसके बाद 1 नवंबर की देर रात पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल वह 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं. वहीं पोस्टमोर्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली लगने से दुलारचंद की मौत नहीं हुई थी. उनकी सीने की पसली टूट गई थी और फेफड़ा फट गया था, जिस वजह से जान गई.

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