पटना/नालंदा | 13 अक्टूबर 2026: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और पार्टी के अन्य नेता जनसभाएं कर रहे हैं। इसी बीच जदयू विधायक अनंत सिंह के नीरज कुमार के विरोध में उतरने से चुनावी मुकाबला चर्चा में आ गया है।
मंगलवार को नवादा के बाद नालंदा में एनडीए की जनसभा हुई। इस दौरान नीरज कुमार ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास बाहुबल नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और नैतिक समर्थन की ताकत है। वहीं, नालंदा की सभा में कुछ कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठाई।
नीरज कुमार का बयान: बाहुबल नहीं, कार्यकर्ताओं पर भरोसा
नवादा में आयोजित चुनावी सभा में जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने बिना नाम लिए अनंत सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में उनकी ताकत कार्यकर्ता और नैतिक बल हैं।
नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों का उल्लेख करते हुए पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से समर्थन मांगा। उनके बयान को अनंत सिंह के विरोध के बीच अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, अनंत सिंह नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर बयान दे चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह जनसुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो भी कर चुके हैं। उन्होंने नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने की चुनौती भी दी थी।
ऐसे में नीरज कुमार के समर्थन में एनडीए नेताओं का प्रचार अभियान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निशांत कुमार के समर्थन में जुटे कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री बनाने की मांग
नालंदा में आयोजित एनडीए की जनसभा के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई। निशांत कुमार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं और इन दिनों जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रचार अभियान शुरू करने से पहले निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह चुनावी सभाओं में शामिल हुए।
जनसभा में निशांत कुमार ने बिहार में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया और मतदाताओं से एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता ने उनके पिता के नेतृत्व को मजबूती दी है और आगे भी विकास कार्यों को ध्यान में रखकर मतदान करेगी।
उमेश कुशवाहा ने शिक्षा और तकनीकी विकास का मुद्दा उठाया
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने बिहार में शिक्षा और तकनीकी विकास की तुलना करते हुए पूर्ववर्ती राजद शासन की आलोचना की।
उमेश कुशवाहा ने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि बिहार में कंप्यूटर शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव हुए हैं।
उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से नीरज कुमार के पक्ष में समर्थन मांगा और राज्य में विकास की गति बनाए रखने पर जोर दिया।
पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए का प्रचार तेज
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर एनडीए ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव चुनाव मैदान में हैं।
दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में गठबंधन के नेता जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। पार्टी का प्रयास मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने और उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने का है।
नीरज कुमार के समर्थन में निशांत कुमार और उमेश कुशवाहा जैसे नेताओं की सक्रियता के बीच अनंत सिंह का विरोध भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
अनंत सिंह के विरोध से चुनावी मुकाबला चर्चा में
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अनंत सिंह की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, वह नीरज कुमार के विरोध में बयान दे चुके हैं और अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार भी कर चुके हैं।
दूसरी ओर, एनडीए के नेता नीरज कुमार के पक्ष में मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने चुनावी प्रचार को और चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, उम्मीदवारों के समर्थन में चल रहे प्रचार और नेताओं के बयानों के वास्तविक चुनावी असर का आकलन मतदान तथा परिणाम के बाद ही किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अनंत सिंह के विरोध के बीच निशांत कुमार और अन्य एनडीए नेताओं ने जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार किया है।
नीरज कुमार ने बाहुबल के बजाय कार्यकर्ताओं और नैतिक समर्थन को अपनी ताकत बताया, जबकि एनडीए नेताओं ने विकास और शिक्षा के मुद्दों पर मतदाताओं से समर्थन मांगा। अब इस चुनावी अभियान में विभिन्न नेताओं की सक्रियता और उनके बयानों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
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