पटना: 70वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफल 2027 अभ्यर्थियों को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी पद सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सेवा की जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी फाइल पर किया गया एक हस्ताक्षर भी किसी परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन में ईमानदारी बढ़ेगी तो राज्य के विकास को भी गति मिलेगी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने बिहार में पिछले वर्षों के दौरान सरकारी नौकरियों को लेकर हुए बदलाव का उल्लेख किया और कहा कि आने वाले समय में भी युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
70वीं BPSC में 2027 अभ्यर्थियों का चयन
70वीं BPSC के अंतिम परिणाम में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडेय ने 593 अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। शशांक गौरव और आयुष विजॉय ने 592-592 अंक हासिल किए और क्रमशः दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे। दोनों की रैंकिंग का निर्धारण निबंध के अंकों के आधार पर किया गया।
भर्ती प्रक्रिया में कुल 2027 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि आठ पद रिक्त रह गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन पदों के लिए पात्र दिव्यांग अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण नियुक्ति नहीं हो सकी।
महिलाओं ने भी हासिल की उल्लेखनीय सफलता
परीक्षा परिणाम में महिला अभ्यर्थियों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। शीर्ष 100 सफल अभ्यर्थियों में 45 महिलाएं शामिल हैं। कुल चयनित अभ्यर्थियों में करीब 745 महिलाएं हैं।
इसके अलावा, चयनित उम्मीदवारों में 333 अभ्यर्थी बिहार के बाहर के राज्यों से हैं। अंतिम परिणाम में अनारक्षित वर्ग का कटऑफ 528 अंक और अनुसूचित जाति वर्ग का कटऑफ 493 अंक रहा।
BPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के करीब 18 महीने बाद अंतिम परिणाम जारी किया था। सफल उम्मीदवारों की सूची 20 जून को जारी की गई थी।
