हजारीबाग | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News
हजारीबाग शहर में आए दिन लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए यातायात पुलिस और नगर निगम ने नई पहल की है। शनिवार को शहर के बुढ़वा महादेव चौक, गाड़ीखाना चौक और बंशीलाल चौक के आसपास वन-वे यातायात व्यवस्था का ट्रायल शुरू किया गया। इसके तहत तीनों प्रमुख चौराहों को जोड़कर वाहनों के आवागमन के लिए एक नया रूट निर्धारित किया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य प्रमुख सड़कों और चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करना तथा यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
तीन प्रमुख चौक पर बदलेगा वाहनों का रूट
सीसीआर डीएसपी एकरामुल हक ने नई यातायात व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि बुढ़वा महादेव चौक से आने वाले वाहन अब सीधे बंशीलाल चौक नहीं जा सकेंगे। उन्हें पहले गाड़ीखाना चौक पहुंचना होगा। इसके बाद वे बंशीलाल चौक की ओर आगे बढ़ सकेंगे।
इसी तरह, झंडा चौक से बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों को बंशीलाल चौक से बाईं ओर मुड़ना होगा। इसके बाद वे गाड़ीखाना चौक और बुढ़वा महादेव चौक होते हुए पुराने बस स्टैंड की ओर जा सकेंगे।
इस रूट व्यवस्था से तीनों चौराहों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और जाम की स्थिति कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
सफल होने पर दूसरे मार्गों पर भी लागू हो सकती है व्यवस्था
हजारीबाग के मेयर अरविंद राणा ने बताया कि फिलहाल वन-वे व्यवस्था को परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है। ट्रायल के नतीजे संतोषजनक रहने पर शहर के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मुख्य सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों को हटाया जाएगा। ऐसे वाहनों को अस्पताल के पास तैयार की गई पार्किंग में लगवाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सड़क पर अनावश्यक भीड़ न हो।
ऑटो चालकों को दी गई चेतावनी
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए डीएसपी एकरामुल हक ने ऑटो चालकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चालक सड़क पर कहीं भी ऑटो रोककर सवारी न चढ़ाएं और न ही उतारें।
उन्होंने बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। साथ ही आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़कों पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन पार्क नहीं करने की अपील की।
ट्रायल के बाद तय होगी आगे की व्यवस्था
शहर में वन-वे व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम करना और आवागमन को व्यवस्थित करना है। फिलहाल यह व्यवस्था परीक्षण के तौर पर शुरू हुई है। इसके प्रभाव और लोगों की सुविधा को देखते हुए आगे के फैसले लिए जा सकते हैं।
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