Tuesday, March 17, 2026

हजारीबाग की सड़कें पिछले 1 साल में हुई लाल, सड़क हादसों ने 270 घरों के चिराग को बुझाया, 240 हुए घायल

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हजारीबाग: जिले में पिछले 1 साल में 270 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है. वहीं 174 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 66 व्यक्ति सामान्य रूप से घायल हुए हैं. कुल मिलाकर जिले में पिछले एक साल में 510 लोग सड़क दुर्घटना से प्रभावित हुए हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि हजारीबागवासी सड़क सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं. यही कारण है कि 270 परिवार का चिराग एक साल में सड़क हादसे में बुझ गया है.

जिले में केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा को लेकर आए दिन जागरूकता अभियान चलाती रहती है. वहीं यातायात पुलिस के साथ नागरिक पुलिस भी सड़क सुरक्षा को लेकर चेकिंग करने के साथ चालान काटने का कार्य करती है. इन सबके बावजूद सड़क दुर्घटना में कमी नहीं आ रही है. जिसकी वजह से सड़क दुर्घटना होती रहती है
हजारीबाग जिला परिवहन कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़े चौंका देने वाले हैं. आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं कि हजारीबाग में सड़क सुरक्षा नियम का पालन नहीं करने से जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक 270 लोगों की मौत हुई है. सबसे अधिक मौत अगस्त महीने में हुई है, जिनकी संख्या 36 है. जून महीने में सबसे कम 13 लोगों की मौत सड़क हादसे में हुई है. गंभीर रूप से घायलों की संख्या 174 है, जबकि सामान्य रूप से घायलों की संख्या 66 है
जिले में कुल 510 लोग सड़क दुर्घटना में प्रभावित हुए हैं. सरकार की ओर से जनवरी महीने में सड़क जागरूकता अभियान चलाया जाता है. जिसका एक मात्र उद्देश्य है आम लोगों को सड़क जागरूकता को लेकर जागरूक करना. जिसमें कई कार्यक्रम का आयोजन होता है. आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जनवरी के बाद दुर्घटना में बढ़ोतरी हुई है. इसका अर्थ यह भी है कि सरकार एक और सड़क जागरूकता को लेकर अभियान चला रही है, लेकिन उसका असर आम जनता पर नहीं हो रहा है.
जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कांति बताते हैं कि झारखंड में प्रतिवर्ष 4000 से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो रही है. जो इस ओर इशारा करती है कि स्थिति बेहद गंभीर है. जिला परिवहन पदाधिकारी का कहना है कि जब एक व्यक्ति की मौत होती है तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है. कई ऐसी मौतें हुई हैं जो घर का इकलौता कमाओ व्यक्ति था.
ऐसे में पूरा परिवार घटना के बाद सड़क पर आ जाता है. परिवहन पदाधिकारी का यह भी कहना है कि अधिकतर मौत का कारण सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना और हेलमेट नहीं पहनना है. साथ ही शराब के नशे में गाड़ी चलाने से दुर्घटना अधिक हो रही है. उन्होंने कहा कि हर एक व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि उसका जीवन उसके परिवार और देश के लिए महत्व रखता है.

हजारीबाग परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ा इस ओर इशारा कर रहा है कि सड़क सुरक्षा नियम का पालन नहीं करने वाले का जीवन खतरे में पड़ जाता है. ऐसे में खुद और अपने परिवार वालों के लिए यातायात नियम का पालन करना बेहद जरूरी है. ईटीवी भारत भी हर एक व्यक्ति से अपील करता है कि सड़क सुरक्षा नियम का पालन अवश्य करें. ताकि आपका परिवार सुरक्षित रह सके.

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