मुंबई : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई. भारतीय रुपया गुरुवार को 32 पैसे टूटकर 95.20 के सर्वकालिक निचले स्तर तक पहुंच गया. रुपये में गिरावट की असली वजह – कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, मजबूत होता अमेरिकी डॉलर और पश्चिम एशिया का संकट है.
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.01 पर खुला और जल्द ही 32 पैसे का गोता लगाकर 95.20 पर पहुंच गया. दुनिया के छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स भी 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.96 पर कारोबार कर रहा था.
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 122 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे भारत का आयात खर्च बढ़ने की आशंका है. वहीं, पश्चिम एशिया में संभावित व्यापक संघर्ष की चिंताओं ने निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है जिससे डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर और दबाव पड़ सकता है.
रुपये की गिरावट का प्रमुख घटनाक्रम:
- 1947: स्वतंत्रता के समय, 1 डॉलर = 1 रुपया (लगभग).
- 1966: आर्थिक संकट के चलते अवमूल्यन, दर लगभग ₹7.50 तक पहुंची.
- 1991: सबसे तेज गिरावट, भुगतान संतुलन संकट के कारण, दर ₹26 के पार.
- 2008: वैश्विक वित्तीय संकट से दर ₹50 के पार पहुंची.
- 2013: ‘टेपर टैंट्रम’ के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये में लगभग 20% की भारी गिरावट.
- जुलाई 2022: पहली बार रुपया 80 के स्तर को पार कर गया.
- 2025-2026: रुपया अपने ऐतिहासिक निचले स्तर, 90-93 के पास कारोबार कर रहा है (मार्च 2026).
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया, “रुपये पर मुख्य प्रभाव तेल की बढ़ती कीमतों का रहा है, जो 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं और आगे बढ़ने की संभावना है क्योंकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखे हुए है, जबकि ईरान किसी भी जहाज/टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दे रहा है.”
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.01 प्रति डॉलर पर खुला. शुरुआती कारोबार में फिसलकर 95.20 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया जो पिछले बंद स्तर से 32 पैसे की गिरावट दर्शाता है.
रुपया बुधवार को 20 पैसे कमजोर होकर 94.88 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था.
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.96 पर रहा.
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार 821.79 अंक टूटकर 76,674.57 अंक पर जबकि निफ्टी 287.3 अंक फिसलकर 23,890.35 अंक पर पहुंच गया.
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 3.16 प्रतिशत बढ़त के साथ 121.76 डॉलर प्रति बैरल रहा.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,468.42 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.


