Tuesday, March 17, 2026

यात्री ट्रैन से गिरा,लोको पायलट ने रिवर्स गियर में डाल दी गाड़ी!

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न्यूज़ : महाराष्ट्र में भारतीय रेलवे ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है, जहां कोच से एक यात्री गिर गया तो लोको पायलट ने रिवर्स गियर डालकर आधा किलोमीटर तक ट्रेन दौड़ा दी। हालांकि, दुख की बात यह है कि जिस घायल यात्री के लिए ट्रेन ने अपनी दिशा बदली और पिछली कई ट्रेनें प्रभावित हुईं, उसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोच से गिरने वाले यात्री का नाम सरवर शेख था। उत्तर प्रदेश के रहने वाले शेख की उम्र 30 साल थी। तपोवन एक्सप्रेस ट्रेन के मनमाड जंक्शन पहुंचने के बाद वह कोच से गिर गया। डिवीजनल रेलवे मैनेजर इति पांडे का कहना है, ‘ट्रेन के लोको पायलट ने कंट्रोलर से अनुमति ली और घायल यात्री को लेने के लिए ट्रेन को रिजर्व में ले गया।

अधिकारी ने दी जानकारी

मीडिया से बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘ट्रेन के गार्ड एसएस कदम को यात्रियों से पता चला कि तीसरे कोच से एक युवक गिर गया है। कदम ने लोको पायलट एमएस आलम से संपर्क किया। बाद में आलम ने कंट्रोलर से संपर्क किया और वापस जाने की अनुमति मांगी।’ ‘इसके बाद तपोवन एक्सप्रेस के पीछे आ रही मालगाड़ी को एक स्टेशन पहले ही रोक दिया गया ताकि ट्रेन के लिए जगह तैयार की जा सके।

एंबुलेंस से भेजा अस्पताल

ट्रेन में मौजूद यात्रियों की मदद से शेख का पता लगाया गया और इसके बाद ट्रेन मनमाड स्टेशन पहुंची। तब तक रेलवे अधिकारियों ने शेख को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजाम कर लिया था। उसे अस्पताल ले जाने के बाद ट्रेन नांदेड़ के लिए रवाना हो गई।

आमतौर पर लोको पायलट ऐसा नहीं करते हैं इसके पीछे बाकी ट्रेनों को और यात्रियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। इसके साथ ही सुरक्षा का भी एक पहलू होता है। क्योंकि आरजक तत्व भी इसका ग़लत फायदा उठा सकते हैं। हालांकि महाराष्ट्र की घटना में लोको पायलट ने पहले अधिकारियों को सूचित करते हुए सुरक्षा सुनिश्चित की थी।

2020 में भी घटी थी ऐसी ही घटना

फरवरी 2020 में महाराष्ट्र के भुसावल डिवीजन में पचोरा और माहेजी स्टेशनों के बीच एक यात्री ट्रेन से बेहोश होकर गिर गया था। जैसे ही ट्रेन के गार्ड ने यह देखा, उसने तुरंत लोको पायलट को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही पायलट ने तुरंत ट्रेन को करीब आधा किलोमीटर तक रिवर्स में दौड़ाया। घायल व्यक्ति को वापस ट्रेन में चढ़ाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह ठीक भी हो गया। इसके लिए तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कर्मचारियों की तारीफ भी की थी।

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