Thursday, April 16, 2026

पीएलएफआई के 2 उग्रवादी हथियार-गोली के साथ गिरफ्तार

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 झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के 2 उग्रवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के 2 सदस्यों को पुलिस ने हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. इन दोनों के पास से 1 एक नली देशी राइफल, 8 एमएम के 2 कारतूस, 7.65 एमएम के 9 कारतूस, 2 मोबाईल फोन और 4 पीएलएफआई के पर्चे बरामद हुए हैं. पीएलएफआई के इन दोनों सदस्यों के नाम विकास गोप (28) और निमेश गोप (21) हैं. दोनों को कर्रा थाना क्षेत्र के रोन्हे जंगल से गिरफ्तार किया गया है. विकास गोप के पिता का नाम रंथु गोप और निमेश के पिता का नाम राजेंद्र गोप है. दोनों कर्रा के रोन्हे गांव के रहने वाले हैं.

खूंटी के एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी

कर्रा पुलिस ने बताया कि रविवार (5 जनवरी) को खूंटी के एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि कर्रा थाना के रोन्हे जंगल में प्रतिबंधित पीएलएफआई संगठन के कुछ सदस्य किसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. इस संबंध में उनकी कोई बैठक होने वाली है. सूचना का सत्यापन करने के बाद एसपी ने तोरपा के अनुमंडल पलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) एसडीपीओ खिस्तोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया.

होटवार जेल में बंद PLFI के सदस्यों ने खूंटी में कराई फायरिंग

एसडीपीओ की अगुवाई में बनी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रोन्हे जंगल में छापेमारी शुरू की. छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के दो सदस्य पुलिस टीम के हत्थे चढ़ गए. इनके पास से अवैध हथियार और गोलियां बरामद हुईं. गिरफ्तार पीएलएफआई के इन सदस्यों ने बताया कि होटवार जेल में बंद शिवकुमार साहू उर्फ चरकू और रांची एवं खूंटी क्षेत्र में सक्रिय पीएलएफआई के सदस्यों ने खूंटी थाना क्षेत्र में ग्रुप के अन्य लड़कों से फायरिंग करवाई है.

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विकास गोप पर आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत दर्ज हैं केस

विकास गोप के खिलाफ कर्रा थाने में 2 केस दर्ज हैं. एक केस वर्ष 2018 में और दूसरा केस वर्ष 2021 में दर्ज किया गया था. कर्रा थाना में 7 फरवरी 2018 को विकास के खिलाफ धारा 25(1-बी)ए/26/35 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. वहीं दूसरा केस 1 जुलाई 2021 को आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था. उस पर आर्म्स एक्ट की धाराएं 25(1-ए)/25(6)/26(2)/35 और सीएलए एक्ट की धारा 17 लगाई गई थी.

छापेमारी में शामिल थे ये पुलिस पदाधिकारी

छापेमारी दल में एसडीपीओ एसडीपीओ खिस्तोफर केरकेट्टा के अलावा 7 पुलिस पदाधिकारी और अंगरक्षक एवं कर्रा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. इसमें शामिल अधिकारियों में तोरपा अंचल के पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, कर्रा के थाना प्रभारी मनीष कुमार, रनिया के धाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल, जरियागढ़ के थाना प्रभारी राजू कुमार, कर्रा थाना के एसआई दीपक कांत कुमार, रनिया थाना के अनिश बारला और तालकेश्वर यादव शामिल थे.

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