भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 की सुबह खुशियां लेकर आई. वैश्विक स्तर पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव में कमी के संकेतों ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ा दिया है. इसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला, जहाँ सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ खुले.
शुरुआती कारोबार का हाल
बीएसई (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स आज 566 अंकों यानी 0.73 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,677 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 154 अंकों या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,385 पर कारोबार शुरू करने में कामयाब रहा. बाजार में इस तेजी का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत और खाड़ी क्षेत्र से आ रही राहत भरी खबरें हैं.
प्रमुख वजह: हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना
बाजार में आई इस हरियाली के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण ‘स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज’ का स्थायी रूप से खुलना माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि तनाव कम हो रहा है और ईरान को हथियारों की आपूर्ति रोकने पर सहमति बनी है. इस खबर ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के ठप होने के डर को खत्म कर दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आई है. वर्तमान में ब्रेंट क्रूड $95 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है.
सेक्टर और स्टॉक्स का प्रदर्शन
आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है. विशेष रूप से रियल्टी, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल स्टॉक्स में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी जोरदार खरीदारी हुई, जहाँ निफ्टी स्मॉलकैप 100 और मिडकैप 100 एक प्रतिशत तक की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं.
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 2% से ज्यादा ऊपर रहा, जबकि हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी 1-2% की तेजी देखी गई. इससे पहले अमेरिकी बाजार (S&P 500 और नैस्डैक) भी मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिसका फायदा भारतीय निवेशकों को मिला.
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि माहौल सकारात्मक है, लेकिन हालिया तेजी के बाद ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) देखी जा सकती है. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे वैश्विक घटनाक्रमों और आने वाली तिमाही नतीजों पर नजर रखें क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.


