Saturday, October 3, 2026

जीतन राम मांझी का सुझाव: जब्त शराब से सैनिटाइजर बनाने पर हो विचार, SIR और कानून-व्यवस्था पर भी बोले.

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गया: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी के दौरान जब्त की जाने वाली शराब के निस्तारण को लेकर वैकल्पिक इस्तेमाल का सुझाव दिया है। गया जिले के महकार में अपने जन्मदिन के कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी और कानूनी रूप से संभव हो, तो जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय उससे सैनिटाइजर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।

महकार में जन्मदिन के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में अपने पूर्वजों को याद करते हुए मांझी भावुक नजर आए।

जब्त शराब के उपयोग को लेकर दिया सुझाव

जीतन राम मांझी ने कहा कि शराबबंदी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब जब्त होती है। उनके अनुसार, इसके निस्तारण के दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जब्त शराब से सैनिटाइजर जैसे उत्पाद तैयार करने की संभावना तलाशने की बात कही।

कानून-व्यवस्था पर मांझी ने रखी अपनी बात

बिहार में कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल पर मांझी ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना को सही नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की, इसका भी आकलन होना चाहिए।

उन्होंने अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का जिक्र किया। मांझी के मुताबिक, कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सरकार के साथ समाज और राजनीतिक दलों की भी भूमिका है।

UCC पर राष्ट्रीय हित के नजरिए से विचार की बात

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मांझी ने कहा कि इस विषय को राष्ट्रीय हित के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं बनने देने की बात कही। मांझी इससे पहले भी UCC के समर्थन में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं।

SIR को लेकर मतदाता सूची के सत्यापन पर जोर

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाना नहीं, बल्कि सूची का सत्यापन और उसे व्यवस्थित करना होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन पात्र भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। सीमावर्ती इलाकों का उल्लेख करते हुए मांझी ने ऐसे लोगों की पहचान की जरूरत बताई, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं और गलत दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।

विकास और राहत कार्यों का भी किया उल्लेख

मांझी ने केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर बिहार के विकास तथा आपदा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बेहतर प्रशासन, विकास और कानून-व्यवस्था के लिए सरकार के साथ समाज और राजनीतिक दलों के सहयोग की आवश्यकता बताई।

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