Thursday, May 28, 2026

जमशेदपुर में ट्रेनों की देरी को लेकर सरयू राय और SER जीएम के बीच बातचीत हुई.

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जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल कुमार जैन ने पहली बार चक्रधरपुर रेल मंडल का दौरा किया. जीएम खड़गपुर में बैठक करने के बाद घाटशिला रेलवे स्टेशन पहुंचे. जहां वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी ली और नए डेवलपमेंट के लिए बैठक की. इस दौरान चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम, सीनियर डीसीएम, जमशेदपुर लोकसभा सांसद विद्युत वरण महतो के अलावा रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

पहले पैसेंजर ट्रेन चलाने का निर्देश

घाटशिला में बैठक के बाद SER जीएम टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन के रीडेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा कर निरीक्षण किया. इस दौरान जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक सरयू राय ने ट्रेनों में देरी को लेकर SER जीएम के साथ बैठक की. इसके बाद जीएम ने मालगाड़ी को रोककर पहले पैसेंजर ट्रेन चलाने का निर्देश दिया. इस पर सरयू राय ने कहा कि जीएम की बातों से संतुष्ट हैं, लेकिन इस पर निगरानी रखी जाएगी.

बता दें कि ट्रेनों में देरी को लेकर सरयू राय के नेतृत्व में यात्री संघर्ष समिति बनाई गई थी. जिसके बैनर तले रेलवे के मनमाने रवैये को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा था. सरयू राय इस गंभीर मुद्दे को दिल्ली तक ले जाने की तैयारी में थे. उनका आरोप था कि यात्री ट्रेन को रोककर मालगाड़ी को प्रमुखता दी जा रही है.

ट्रेन के समय सीमा का रखा जाएगा ध्यान: सरयू राय

SER जीएम से वार्ता के बाद विधायक सरयू राय ने बताया कि SER जीएम ने निर्देश दिया है कि पहले पैसेंजर ट्रेन का परिचालन होगा फिर मालगाड़ी का. जिससे यात्रियों को परेशानी नहीं होगी. उन्होंने बताया कि ट्रेन सही समय पर चल रही है या नहीं इस पर भी ध्यान रखा जाएगा. सरयू राय ने बताया कि लंबे समय बाद जमशेदपुर पर रेलवे का ध्यान आकृष्ट हुआ है. इसे लेकर विकास कार्य किए जा रहे हैं. यह अच्छी पहल है.

वहीं, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने बताया कि ट्रेनों की देरी को गंभीरता से लेते हुए मालगाड़ी रोककर पहले पैसेंजर ट्रेन पास करने का निर्देश दिया गया. जीएम ने बताया कि दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में रेल मोबिलिटी और क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.

टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल में परिचालन सुधार, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी और माल एवं यात्री ट्रैफिक के बेहतर प्रबंधन के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम शुरू किया है. इन योजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी, ट्रेनों में देरी कम होगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी.

टाटा और आदित्यपुर में स्टेबलिंग लाइन परियोजना

टाटा मार्शलिंग यार्ड में रेक स्टेबलिंग के लिए 20.50 करोड़ की लागत से दो नई लाइनें दिसंबर 2027 तक तैयार की जाएंगी. वहीं, आदित्यपुर में 28 करोड़ की लागत से तीन नई कोचिंग स्टेबलिंग लाइनें बनाई जाएंगी. इससे रेक होल्डिंग क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के रखरखाव एवं संचालन में सुविधा होगी.

टाटा और हल्दीपोखर के बीच 43.44 करोड़ की लागत से नया क्रॉसिंग स्टेशन बनाया जाएगा. जिसका लक्ष्य दिसंबर 2027 रखा गया है. इसके अलावा गोविंदपुर में 46.84 करोड़ की लागत से दो लूप लाइन सहित नया ब्लॉक स्टेशन मार्च 2028 तक तैयार किया जाएगा. इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और परिचालन अधिक सुगम होगा.

SER जीएम ने बताया कि रेलवे ने सिनी-कांड्रा तीसरी और चौथी लाइन परियोजना पर 286 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है, जिसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है. वहीं, चांडिल-गम्हरिया तीसरी एवं चौथी लाइन परियोजना 1112 करोड़ की लागत से स्वीकृत की गई है. रेलवे के अनुसार चौथी लाइन दिसंबर 2029 तक तथा तीसरी लाइन दिसंबर 2030 तक पूरी होगी.

कांड्रा, गम्हरिया और धुतरा में बनेंगे रेल फ्लाईओवर

रेलवे ने जानकारी दी कि कांड्रा और गम्हरिया में रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि टाटानगर में नया कोचिंग टर्मिनल प्रस्तावित किया गया है, जिसके तहत टाटानगर के पास नए कोचिंग टर्मिनल के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे प्रस्तावित किया गया है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल में रेल परिचालन को पूरा होने पर नई गति मिलेगी.

आदित्यपुर से गम्हरिया के बीच अतिरिक्त लाइन निर्माण के लिए 80 करोड़ का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है. वहीं, टाटानगर में वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 383 करोड़ का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को सौंपा गया है. इसके अलावा टाटा यार्ड रिमॉडलिंग के लिए 482 करोड़ तथा चक्रधरपुर यार्ड रिमॉडलिंग के लिए 376 करोड़ की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं.

झारसुगुड़ा यार्ड परियोजना पर भी काम प्रस्तावित है, जिसके तहत अतिरिक्त लाइनें और प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे. रेल जीएम ने बताया है कि इन सभी योजनाओं के लागू होने के बाद टाटानगर, चक्रधरपुर और आसपास के रेल नेटवर्क में परिचालन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सकेगी.

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