Wednesday, July 1, 2026

चाईबासा जिले के चक्रधरपुर क्षेत्र में पीडीएस द्वारा राशन वितरण के दौरान लाभुकों को एक्सपायरी चना दाल दिया गया है.

Share

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किए जा रहे राशन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. चाईबासा और चक्रधरपुर के कुछ राशन दुकानों से लाभुकों को ऐसी चना दाल मिलने की शिकायत सामने आई है, जिसमें फंगस लगे होने के साथ-साथ पैकेट की वैधता अवधि (एक्सपायरी डेट) भी समाप्त बताई जा रही है. इस मामले के सामने आने के बाद लाभुकों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

  • जानकारी के अनुसार चाईबासा के मिशनहाता क्षेत्र और चक्रधरपुर के तंबाकू पट्टी इलाके के कुछ लाभुकों ने आरोप लगाया कि उन्हें जन वितरण प्रणाली के तहत जो चना-दाल उपलब्ध कराई गई, वह उपयोग योग्य नहीं थी. कई लोगों का कहना है कि पैकेट खोलने पर दाल में फंगस दिखाई दी. जबकि पैकेट पर अंकित वैधता अवधि भी समाप्त हो चुकी थी. ऐसे में कई परिवारों ने दाल का उपयोग करने के बजाय उसे अलग रखने या फेंकने का निर्णय लिया है.
  • घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों ने खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. लोगों का कहना है कि यदि शहरी क्षेत्रों में इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं तो दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में खाद्यान्न की गुणवत्ता की स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है. लोगों ने वितरण से पहले खाद्यान्न की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने की मांग की है.
  • इधर राशन दुकानदारों का कहना है कि उन्हें जो सामग्री सरकारी गोदाम से उपलब्ध कराई जाती है, उसी का वितरण करना पड़ता है. उनका दावा है कि खराब गुणवत्ता वाले खाद्यान्न की आपूर्ति यदि हुई है तो इसकी जांच गोदाम स्तर से की जानी चाहिए.

NEGLIGENCE IN PDS IN CHAIBASA

मामले को लेकर जब जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलखो से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह फिलहाल अवकाश पर हैं. उन्होंने कहा कि अवकाश से लौटने के बाद पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या आपूर्तिकर्ता की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इस बीच जिला प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित गोदामों में उपलब्ध चना-दाल के स्टॉक की जांच कराई जा सकती है. ताकि जांच में कहीं खराब सामग्री हो तो उसका वितरण तत्काल रोका जा सके. लाभुकों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ भविष्य में गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने की मांग की है.

Read more

Local News