गूगल ने एआई के नए युग के लिए दो खास चिप्स लॉन्च किए, जो ऑटोनॉमस एजेंट्स को और तेजी से काम करने में मदद करेंगे. लास वेगास में गूगल क्लाउड नेक्स्ट 2026 सम्मेलन के दौरान कंपनी ने अपनी आठवीं पीढ़ी की Tensor Processor Units (TPUs) पेश कीं. इस बार इन्हें दो अलग-अलग चिप्स में बांटा गया है. इनमें TPU 8t ट्रेनिंग के लिए और TPU 8i इन्फरेंस के लिए. ये दोनों चिप्स एआई एजेंट्स के सोचने, प्लान करने और कई स्टेप्स वाले कामों को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे.

गूगल का कहना है कि आज के समय में एआई एजेंट्स यूज़र्स की तरफ से काम संभालते हैं. उन्हें लगातार रीज़निंग, प्लानिंग, एक्जीक्यूशन और लर्निंग का चक्र चलाना पड़ता है. पुरानी चिप्स एक ही काम के लिए बनी थीं, लेकिन अब जरूर अलग-अलग हो गई है. TPU 8t बड़ी मॉडल्स को ट्रेन करने में माहिर है. इसमें भारी मात्रा में मेमोरी है, जिससे जटिल मॉडल्स को एक साथ प्रोसेस किया जा सकता है. इससे ट्रेनिंग का समय महीनों से हफ्तों में आ सकता है.

एजेंटिक एआई की नई तैयारी
वहीं, TPU 8i इन्फरेंस और रीज़निंग पर फोकस करती है. यह लेटेंसी को बहुत कम रखती है, ताकि एजेंट्स यूज़र्स को तुरंत जवाब दे सकें और अच्छा अनुभव मिले. ये चिप्स गूगल के AI Hypercomputer का हिस्सा बनेंगी और पूरे स्टैक के साथ मिलकर काम करेंगी. कंपनी दावा करती है कि इससे हाईली रिस्पॉन्सिव एजेंटिक एआई आम लोगों तक पहुंच सकेगी. TPU 8t में हाई थ्रूपुट और रिलायबिलिटी है, जबकि TPU 8i एजेंट्स के बीच सहयोग और तेज एक्जीक्यूशन के लिए ट्यून की गई है. दोनों चिप्स इस साल के अंत में आम इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाएंगी.

इस विकास से एआई इंडस्ट्री में नई दिशा मिलेगी. पहले कंप्यूटिंग के हर बड़े बदलाव के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में ब्रेकथ्रू जरूरी होता था. अब एजेंटिक एरा में भी ऐसा ही हो रहा है. गूगल का फोकस है कि इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंट्स के निरंतर लूप को सपोर्ट करें. इससे डेवलपर्स बड़े मॉडल्स आसानी से बना सकेंगे और यूज़र्स को स्मार्ट, स्वायत्त मदद मिलेगी. लिहाजा, गूगल के ये नए चिप्स एआई को और भी ज्यादा पावरफुल और यूज़र-फ्रेंडली बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.


