Tuesday, June 30, 2026

आज 16 अगस्त 2025 का पंचांग

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भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए. वरना परिणाम सुखद नहीं होंगे. संभलकर रहें.

आज 16 अगस्त, 2025 शनिवार, के दिन भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के एक स्वरूप काल भैरव का अधिकार है, जिन्हें समय का देवता भी कहा जाता है. यह तिथि किसी भी तरह के शुभ कार्यों, नई बातचीत और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अच्छी नहीं है. आज मासिक कार्तिगई और कालाष्टमी भी है. आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है.

16 अगस्त का पंचांग

  • विक्रम संवत : 2081
  • मास : भाद्रपद
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष अष्टमी
  • दिन : शनिवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष अष्टमी
  • योग : वृद्धि
  • नक्षत्र : भरणी
  • करण : बलव
  • चंद्र राशि : मेष
  • सूर्य राशि : कर्क
  • सूर्योदय : सुबह 06:16 राशि
  • सूर्यास्त : शाम 07:11 बजे
  • चंद्रोदय : रात 11.32 बजे
  • चंद्रास्त : दोपहर 01.02 बजे
  • राहुकाल : 09:29 से 11:06
  • यमगंड : 14:20 से 15:57

इस नक्षत्र में किसी को उधार देने से बचें
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में रहेंगे. मेष राशि में 13:20 से 26:40 तक इसका विस्तार होता है. इस नक्षत्र के देवता यम हैं और शुक्र इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह हैं. यह नक्षत्र उग्र और क्रूर स्वभाव का होता है. माना जाता है कि इस नक्षत्र में क्रूर कार्य, कुआं खोदना, कृषि संबंधी काम, दवा बनाने, आग से कोई वस्तु बनाने आदि कार्य करना उपयुक्त माना जाता है. इस नक्षत्र में किसी को भी पैसा उधार नहीं देना चाहिए. हथियार संबंधी काम, पेड़ काटने या प्रतियोगिता में आगे बढ़ने संबंध कार्य इस नक्षत्र में करना अच्छा रहता है. शुभ कार्यों के लिए यह नक्षत्र अनुकूल नहीं है.

आज के दिन का वर्जित सम
आज के दिन 09:29 से 11:06 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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