पटना, 26 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Bihar Politics News: बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को लेकर जारी घटनाक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का बयान चर्चा में है। अनंत सिंह के खिलाफ जनता दल यूनाइटेड (JDU) की कार्रवाई और उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग के बीच ललन सिंह ने इस मामले को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा बताया है। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर कार्रवाई से संबंधित जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई के साथ सरकारी आवास खाली करने का मामला भी सामने आया है।
ललन सिंह ने मामले में संजय झा का किया जिक्र
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों ने ललन सिंह से अनंत सिंह के खिलाफ JDU की कार्रवाई को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने संजय झा की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस विषय पर उनसे बात की जानी चाहिए, क्योंकि मामला उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।
उस समय संजय झा भी वहां मौजूद थे। हालांकि, पत्रकारों की ओर से सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। दोनों नेताओं की ओर से इस दौरान विस्तृत जानकारी नहीं दिए जाने के कारण कार्रवाई से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा जारी है।
अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी ने की कार्रवाई
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पार्टी के निर्देशों और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े विवाद के बाद JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम से जारी आदेश में निष्कासन का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपे जाने की भी जानकारी दी गई है।
विधानसभा सदस्यता के संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगी।
विधान परिषद चुनाव के दौरान बढ़ा विवाद
इस मामले की पृष्ठभूमि बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान सामने आए राजनीतिक मतभेदों से जुड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के नेता नीरज कुमार के खिलाफ रुख अपनाया था। इसके बाद पार्टी के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर विवाद बढ़ने की बात कही गई।
बताया जाता है कि इससे पहले ललन सिंह को भी मामले को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, बाद के घटनाक्रम में अनंत सिंह के बयानों के कारण राजनीतिक चर्चा फिर तेज हो गई।
अनंत सिंह और ललन सिंह के बीच संबंधों को लेकर भी अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं सामने आती रही हैं। लेकिन पार्टी की कार्रवाई के पीछे किस नेता की क्या भूमिका रही, इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
नीलम देवी से जुड़ी कार्रवाई और सरकारी आवास का मामला
अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को लेकर भी प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें पार्टी से निष्कासित करने के साथ 20 सूत्री समिति से हटाए जाने और उपमंत्री का दर्जा वापस लिए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा पटना के एक मॉल रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने का निर्देश भी दिया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, आवास खाली करने के लिए 25 नवंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है।
बताया जाता है कि अनंत सिंह लंबे समय से इस सरकारी आवास में रह रहे थे। हालांकि, आवास खाली करने के आदेश की शर्तों और उसकी वर्तमान स्थिति की पुष्टि संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
आगे क्या होगा?
अनंत सिंह के निष्कासन, विधानसभा सदस्यता को लेकर उठाए गए कदम और नीलम देवी से संबंधित आवास मामले के बीच बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब आगे की स्थिति पार्टी की ओर से आने वाले आधिकारिक बयानों और विधानसभा अध्यक्ष सहित संबंधित प्राधिकारियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी। फिलहाल, ललन सिंह के बयान ने इस मामले में पार्टी नेतृत्व की भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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