नई दिल्ली : दैनिक उपयोग की घरेलू वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़कर 2,994 करोड़ रुपये हो गया.
कंपनी का शुद्ध लाभ एक साल पहले की समान अवधि में 2,475 करोड़ रुपये रहा था. एचयूएल के पास सर्फ एक्सेल, ब्रुक बॉन्ड, लाइफबॉय, डव, सनसिल्क और लैक्मे जैसे लोकप्रिय ब्रांड का स्वामित्व है.
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने जनवरी-मार्च तिमाही में 247 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ दर्ज किया. इसमें न्यूट्रीशनलैब (वेलबीइंग न्यूट्रीशन की मूल कंपनी) में हिस्सेदारी बिक्री से 256 करोड़ रुपये का लाभ शामिल है जिसे यूएसवी को बेचा गया. इसके अलावा, अधिग्रहण से संबंधित देनदारियों और संपत्ति की बिक्री से हुए नुकसान के समायोजन के रूप में नौ करोड़ रुपये जोड़े गए.
एचयूएल ने आय का विवरण देते हुए बयान में कहा, समीक्षाधीन तिमाही में उत्पादों की बिक्री से राजस्व 2025-26 में 8.13 प्रतिशत वृद्धि हुई और यह 16,172 करोड़ रुपये रहा. कुल खर्च 7.2 प्रतिशत बढ़कर 16,615 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, अन्य आय सहित कुल आय 5.01 प्रतिशत बढ़कर 16,580 करोड़ रुपये रही. यह 12 तिमाहियों में उसकी सबसे तेज वृद्धि है.
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का विज्ञापन व प्रचार खर्च छह प्रतिशत बढ़कर 1,509 करोड़ रुपये रहा.
समूचे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का शुद्ध लाभ 15,059 करोड़ रुपये रहा जिसमें ‘न्यूट्रीशनलैब’ के विनिवेश से सहायता मिली. इस दौरान कुल आय 4.6 प्रतिशत बढ़कर 65,219 करोड़ रुपये हो गई.
कंपनी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2025-26 में अनुकूल व्यापक आर्थिक नीतियों के कारण मांग का माहौल बेहतर रहा.’’
उन्होंने बताया कि कंपनी ने वृद्धि को तेज करने के लिए खंड को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने, मांग सृजन क्षमताओं को सुदृढ़ करने और संगठन को सरल बनाने जैसे कदम उठाए.
नायर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण जिंसों और मुद्रा में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
उन्होंने कहा, ‘‘ हम अनुशासित बचत, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और संतुलित मूल्य निर्धारण के जरिये इन चुनौतियों से निपट रहे हैं. भविष्य में हमारी मजबूत ब्रांड स्थिति, वित्तीय आधार और परिचालन दक्षता हमें इस अस्थिर माहौल में आगे बढ़ने में मदद करेगी.’’
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 22 रुपये के अंतिम लाभांश का प्रस्ताव रखा है जो शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है. अक्टूबर 2025 में घोषित प्रति शेयर 19 रुपये के अंतरिम लाभांश को जोड़कर समूचे वित्त वर्ष के लिए कुल लाभांश भुगतान 9,633 करोड़ रुपये होगा.


